कांग्रेस के वचन पत्र पर शिवराज का तंज, वादे हैं वादों का क्या

कांग्रेस के वचन पत्र पर शिवराज का तंज, वादे हैं वादों का क्या

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) को लेकर कांग्रेस (Congress) ने वचन पत्र (Vachan Patr) जारी किया है| वचन पत्र में कांग्रेस ने 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देने, किसानों का कर्जा माफ करने, शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने, कोरोना संकट में सुरक्षा पेंशन योजना लागू करने, कोरोना से मरने वालों के परिजनों को नौकरी देने समेत कई बड़े एलान किये हैं| कांग्रेस के वचन पत्र पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने निशाना साधा है|

सीएम शिवराज ने तंज कसते हुए कहा कि पुराने वचन पत्र के न तो वचन निभाए और न ही वादे पूरे किए। लिखा और भूल गए। लिखा और कहा भी था कि 10 दिन में पूरा कर देंगे। वो पूरे हुए नहीं। नए करने कहा गया। वादे हैं, वादों का क्या?

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि कांग्रेस नेता जानते हैं कि करना तो कुछ है नहीं बस लिखना ही है। जनता इनके वादे और वचन सबकी असलियत और सच्चाई जानती है। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह कमलनाथ का वचन नहीं, कपट पत्र है। जनता सब जानती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews