बीजेपी की बड़ी जीत के बीच शिवराज सरकार के तीन मंत्री हार गए चुनाव

बीजेपी की बड़ी जीत के बीच शिवराज सरकार के तीन मंत्री हार गए चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर उपचुनाव (Byelection) में बड़ी जीत के बावजूद बीजेपी (BJP) को बड़ा झटका लगा है| शिवराज सरकार (Shivraj Government) के तीन मंत्री चुनाव हार गए| 2 पूर्व मंत्रियों समेत शिवराज सरकार के 14 मंत्री उपचुनाव में प्रत्याशी थे| डबरा, दिमनी और सुमावली सीट में बड़ा उलटफेर हुआ है| डबरा से मंत्री इमरती देवी, सुमावली से एंदल सिंह कंषाना और दिमनी से गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए हैं।

बात करें डबरा कि तो यह सीट देश भर में चर्चा में रही| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘आइटम’ वाले बयान के बाद बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी सुर्ख़ियों में आ गईं| बीजेपी ने इस बयान को सभी सीटों पर मुद्दा बनाया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत सभी बीजेपी नेताओं ने कमलनाथ के बयानों को खूब भुनाया| इसका आसार भी हुआ, लेकिन जिस सीट से यह विवाद शुरू हुआ, वही भाजपा इस मुद्दे को सही तरीके से भुना नहीं पाई, या यूँ कहें जनता ने इस बात को ज्यादा तूल नहीं दिया|

मुरैना में दो मंत्री हार गए चुनाव
मुरैना में भी बीजेपी को बड़ा झटका लगा है| सुमावली से केबिनेट मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना व दिमनी से राज्य मंत्री गिर्राज डंडोतिया अपने अपने क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं। गिर्राज डंडोतिया 27 हजार मतों से हार गए| यहां कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह भिड़ोसा को 71 हजार से अधिक मत मिले वहीं गिर्राज डंडोतिया को 44 हजार के करीब ही मत मिल पाए। वहीं सुमावली से बीजेपी प्रत्याशी ऐेंदल सिंह कंषाना अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाह से करीब 25 हजार से हार गए। इधर, मुरैना जिले की मुरैना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के राकेश मावई जीत गए हैं| उन्होंने भाजपा के रघुराज कंसाना को हराया है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews