मुख्यमंत्री के लिए यह क्या बोल गए कांग्रेस विधायक, वीडी शर्मा बोले- शिष्टाचार भूल गई कांग्रेस

vdsharmaa

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) में जारी उपचुनाव (Byelection) की जंग में एक दूसरे पर तीखे हमले किये जा रहे हैं| विवादित बयानों की बौछार हो रही है| अब कांग्रेस के एक और नेता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को लेकर विवादित टिप्पणी की है| बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस इतनी हताश, निराश है कि राजनीतिक शिष्टाचार भी भूल गई है।

वीडी शर्मा ने कांग्रेस के चंदेरी विधायक गोपाल सिंह चौहान के एक सभा को सम्बोधित करते हुए एक वीडियो शेयर किया है| जिसमे विधायक कह रहे हैं कि जो कहते हैं कर्ज माफ़ नहीं हुए, आप बताइये एक लाख तक के कर्ज माफ़ हुए हैं, जोर से बोलिये ताकि बहरा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सुन ले|

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने ट्वीट कर लिखा आज करैरा विधानसभा में एक रैली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की मौजूदगी में कांग्रेस के चंदेरी विधायक गोपाल सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया है उससे पता चलता है कि कांग्रेस इतनी हताश, निराश है कि राजनीतिक शिष्टाचार भी भूल गई है।

मंत्री विश्वास सारंग ने ट्वीट कर लिखा -राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप जारी रहते हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति पर इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी करना यह दिखाता है कि कांग्रेसी नेता किस मानसिक दिवालियापन और हताशा के दौर से गुज़र रहे हैं

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews