केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने की पूजा अर्चना, कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों का किया भव्य स्वागत

केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने की पूजा अर्चना, कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों का किया भव्य स्वागत

मुरैना,संजय दीक्षित।  ऐंती पर्वत स्थित शनि मंदिर में पूजा करने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर मुरैना पहुंचे।शनि मंदिर पर उन्होंने लगभग 1 घंटे तक पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ मुरैना नगर निगम के महापौर, सभापति सहित पूर्व विधायक भी मौजूद रहे।इसके बाद वो अपने काफिले के साथ पटिया वाले बाबा के दर्शन करने पहुंचे, जहां उनके साथ प्रदेशाध्यक्ष बीड़ी शर्मा भी साथ थे।

आगामी होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और विष्णु दत्त शर्मा प्रदेश अध्यक्ष भाजपा देवी देवताओं से मन्नत करने के बाद मुरैना रेस्ट हाउस पर पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की बात सुनने के बाद चयनित शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांग रखी तथा संविदा स्वास्थ्य कर्मी और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के लोगों ने भी नई शिक्षा नीति का विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा । इसके बाद उन्होंने रामशिला का पूजन कर और ग्रामीण अंचल में राम मंदिर के निर्माण हेतु रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद वो ग्रांड होटल में पांचों विधानसभाओं के उपचुनाव की समीक्षा करने पहुंचे। जहां अलग-अलग विधानसभा प्रभारियों व कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया और अपने अपने विचार विमर्श रखे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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