यूनेस्को विश्व धरोहर की सूची में शामिल हुए छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किले, देश के लिए गौरवशाली पल

यूनेस्को विश्व धरोहर की सूची में छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलो को शामिल किया गया है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने खुशी जताई है।
Shivaji Forts

छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए गाथा देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत के तौर पर काम करती है। देशभर में शिवाजी महाराज के कई किले (Shivaji Forts) मौजूद हैं, जिनमें से अब 12 को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। ये महाराष्ट्र और पूरे भारत के लोगों के लिए गौरवशाली क्षण है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह ने खुशी जताई है।

खुशी के इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा शासको की जो किलेबंदी प्रणाली थी। उनका प्रतिनिधित्व करने वाले मराठा मिलिट्री लैंडस्केप को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना गौरव का क्षण है।

CM ने शिवभक्तों को दी बधाई

बता दें शिवाजी के 12 किलो को यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल करने का निर्णय पेरिस में आयोजित हुए विश्व धरोहर समिति के 47वें सत्र के दौरान लिया गया है। इस बारे में सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि “हमारे प्रिय छत्रपति शिवाजी महाराज को महाराष्ट्र सरकार नमन करती है। प्रदेश के सभी नागरिकों और शिव भक्तों को बहुत-बहुत बधाई।”

ये किले हुए शामिल

यूनेस्को विश्व धरोहर में महाराष्ट्र के शिवनेरी, लोहगढ़, साल्हेर, रायगढ़, प्रतापगढ़, राजगढ़, खंडेरी, विजयदुर्ग, स्वर्णदुर्ग, पन्हाला, सिंधु दुर्ग और तमिलनाडु के जिंजी किले को शामिल किया गया है। शिवाजी महाराज ने स्वराज के लिए इन किलो का निर्माण किया था। यूनेस्को की सूची में शामिल करने के लिए कई लोगों ने प्रयास किया और उनका योगदान रंग लाया।

अमित शाह ने जताई खुशी

शिवाजी के किलों को यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल किए जाने पर अमित शाह ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट करते हैं कहा कि “देशवासियों के लिए यह गौरवशाली क्षण है। जब महाराजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलो को यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल किया गया।” उन्होंने अपने रायगढ़ किले के दौरे का भी जिक्र किया और कहा कि “कुछ समय पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े प्रति को आत्मसाक्षात्कार करने का मौका मिला था। यह हिंद स्वराज की रक्षा के स्तंभ है और इन्हीं से करोड़ों देशवासियों को प्रेरणा मिलती है।”

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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