कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, हो सकता है 4500 का नुकसान, 31 मार्च से पहले पूरा करें काम

government employees pensioners

demo pic

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees-Pensioners ) के लिए काम की खबर है। अप्रैल से पहले चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस क्लेम कर 4500 बचा सकते है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक हर महीने 2250 रुपये का सीईए मिलता है। दो बच्चों के लिए यह 4500 रुपये तक हो सकता है। खास बात ये है कि बिना ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स के कर्मचारी अपना CEA (Children education allowance) 31 मार्च 2022 तक क्लेम कर सकते हैं।

यह भी पढ़े.. MP Weather Today: राजस्थान की हवाओं का असर, 5 जिलों में लू का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  2020 में कोरोना महामारी के चलते चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस क्लेम नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों के पास अब आखिरी मौका है।अगर किसी कर्मचारी ने मार्च 2020 और मार्च 2021 के लिए अभी तक क्लेम नहीं किया है तो 31 मार्च 2022 तक क्लेम कर सकता है, ऐसे में उनकी सैलरी में 4500 रुपए जुड़कर आएंगे।   इसके लिए आपको किसी ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत नहीं होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, DoPT के अनुसार, ऑनलाइन फीस जमा कराने के बाद भी स्कूल से SMS/e-mail के जरिए रिजल्‍ट/रिपोर्ट कार्ड्स नहीं भेजे गए। CEA क्लेम को Self declaration या रिजल्ट/रिपोर्ट कार्ड/फीस पेमेंट के SMS/e-mail के प्रिंट आउट के जरिए भी क्लेम किया जा सकता है.हालांकि, यह सुविधा सिर्फ मार्च 2020 और मार्च 2021 में खत्म होने वाले एकेडमिक ईयर के लिए होगी।

यह भी पढ़े.. होली से पहले MP को सीएम का तोहफा, 1 करोड़ की मिलेगी राशि, इन जिलों को होगा लाभ

बता दे कि चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है। इसके तहत कर्मचारियों को स्कूल का प्रमाणपत्र, बच्‍चे का रिपोर्ट कार्ड, सेल्‍फ अटेस्‍टेड कॉपी, फीस की रसीद और क्लेम डॉक्यूमेंट्स लगाने होते हैं।वही स्कूल की तरफ से मिलने वाले डिक्लेरेशन में लिखा होता है कि बच्चा उनके संस्थान में किस क्लास में कौन सी पढ़ाई कर रहा है। हालांकि दूसरी संतान जुड़वां हैं तो पहली संतान के साथ जुड़वां बच्चों की पढ़ाई के लिए भी यह भत्ता दिया जाता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews