नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17 से 19 फरवरी तक की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई ऐतिहासिक समझौतों और घोषणाओं पर मुहर लगी, जिससे भारत-फ्रांस साझेदारी को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ (Special Global Strategic Partnership) का दर्जा मिला है।
राष्ट्रपति मैक्रों की यात्रा मुंबई से शुरू हुई, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इसके बाद दोनों नेता दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भी शामिल हुए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ‘Horizon 2047’ रोडमैप के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और सहयोग के नए रास्ते तलाशना था।
रक्षा और एयरोस्पेस में ऐतिहासिक साझेदारी
रक्षा सहयोग इस यात्रा का एक प्रमुख स्तंभ रहा। भारत सरकार और फ्रांसीसी गणराज्य के बीच रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया गया, जो दोनों देशों की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक बड़ी उपलब्धि के तहत, कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया।
इसके अलावा, भारत की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की Safran के बीच एक संयुक्त उद्यम की घोषणा की गई। इस समझौते के तहत घातक HAMMER मिसाइलों का उत्पादन अब भारत में ही किया जाएगा। साथ ही, भारतीय सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेज के बीच अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती पर भी सहमति बनी, जिससे सैन्य स्तर पर समन्वय और अनुभव साझा करने में मदद मिलेगी।
इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य में नए आयाम
भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं। ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ और ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क’ का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
डिजिटल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए। डिजिटल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए एक इंडो-फ्रेंच सेंटर स्थापित करने की संयुक्त घोषणा हुई। वहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली स्थित AIIMS में ‘AI in Health’ के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर का शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त, संक्रामक रोगों और मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज पर शोध के लिए भी कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
ऊर्जा, निवेश और कौशल विकास पर भी फोकस
यात्रा के दौरान आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर भी जोर दिया गया। भारत और फ्रांस के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट में संशोधन के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग समझौते का भी नवीनीकरण किया गया। कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए, एयरोनॉटिक्स में एक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने हेतु एक लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों से स्पष्ट है कि भारत और फ्रांस मिलकर न केवल रक्षा, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के क्षेत्र में भी एक मजबूत भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।





