असम की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जहां विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का एक बड़ा विकेट गिर गया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को यह घोषणा की कि असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामेंगे। यह ऐलान सीएम सरमा और भूपेन बोरा के बीच हुई एक मुलाकात के बाद किया गया।
भूपेन बोरा ने सोमवार, 16 फरवरी 2026 को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था और उन्हें मनाने की कोशिशें भी की गई थीं। इसके बाद बोरा ने अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुछ समय मांगा था, लेकिन अब मुख्यमंत्री के बयान से स्थिति लगभग साफ हो गई है।
सीएम सरमा ने बताया ‘घर वापसी’
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने को एक महत्वपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि दिलीप सैकिया इस प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा करेंगे। सीएम सरमा ने दावा किया, “उनके साथ गुवाहाटी और उत्तर लखीमपुर में कई अन्य कांग्रेस नेता भी बीजेपी में शामिल होंगे। वे कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं।”
सरमा ने यह भी कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बोरा के पार्टी में शामिल होने को मंजूरी दे दी है और उनका स्वागत किया है।
“भूपेन बोरा को पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी। बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे। कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रह गई है।” — हिमंता बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री, असम
‘कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए नहीं लड़ रही’
हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी सच्चा कांग्रेसी नेता इस बात से दुखी होगा कि उसकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “मैंने भी यही पीड़ा झेली थी। जब मैं बीजेपी में शामिल होने गया, तब मुझे भी ऐसे फोन आए थे। ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं। उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा।”
प्रियंका गांधी पर भी साधा निशाना
जब मुख्यमंत्री सरमा से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की गुवाहाटी यात्रा के संभावित प्रभाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “क्यों? क्या वह यहां वोट डालने जा रही हैं? मैं उनसे बड़ा नेता हूं। भूपेन बोरा उनसे बड़ा नेता हैं। दिलीप सैकिया उनसे बड़े नेता हैं, जहां तक असम का सवाल है।” इस बयान से साफ है कि बीजेपी, बोरा के आने से राज्य में और मजबूत होने का दावा कर रही है।





