नफरत के बीज बोने पर गुलाब नहीं खिलते : सैफ अली खान पर हमले के बाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #ArrestKumarVishwas

मशहूर कवि कुमार विश्वास..जिनकी कविताएं सुनने के लिए लोगों का मजमा जुटता है, आज उनकी गिरफ्तारी की माँग क्यों उठ रही है? क्या अब कवि महोदय समझ पाएंगे कि द्वेष और घृणा की फसल कभी भी मीठे फल नहीं देती। पिछले कुछ समय से कुमार विश्वास लगातार अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरते आ रहे हैं। पहले 'बिना कोई नाम लिए' सोनाक्षी सिन्हा पर उनकी टिप्पणी और फिर इसी पैटर्न पर 'तैमूर' नाम को लेकर सैफ अली खान और उनके परिवार को निशाना बनाना..अब उन्हें भारी पड़ता दिख रहा है। उनकी फैलाई नफरत अब उन्हीं तक लौट रही है और जो जनता उनकी कविताओं पर वाह-वाह करती थी, वही अब इस 'लोकप्रिय' कवि को गिरफ़्तार करने की माँग कर रही है।
Kumar Vishwas

#ArrestKumarVishwas is Trending on Social Media : सैफ अली खान पर हमले के बाद पूरा देश हतप्रभ है। आख़िर कैसे इतने पॉश इलाके में..इतनी निजी सुरक्षा के बाद कोई हमलावर उनके घर में घुसकर उनपर चाकू से वार कर भाग गया। फ़िलहाल सैफ का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की तफ़तीश कर रही है। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर #ArrestKumarVishwas ट्रेंड कर रहा है।

आखिर कवि कुमार विश्वास का इस मामले से क्या लेना-देना है ? क्यों लोग उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। क्या अपनी कविताओं से कभी मंच लूटने वाले कवि विश्वास के हालिया नफरती बयानों और सैफ अली खान पर हुए हमले के बीच कोई कनेक्शन है। और यहां ये बात भी समझने वाली है कि कैसे कोई लोकप्रिय व्यक्ति आम लोगों के मानस पर अपना प्रभाव छोड़ता है।

एक कवि..जिसने दिए नफ़रत से भरे बयान

“कोई दीवाना कहता है..कोई पागल समझता है” ये वो गीत है जिसने कुमार विश्वास को लोकप्रियता के उस शिखर पर पहुंचा दिया, जिसका सपना अक्सर लेखक-कवि देखा करते हैं। एक लंबा दौर ऐसा गुज़रा है जब कुमार विश्वास जहां जाते..छा जाते। उनकी राजनीति में भी एंट्री हुई, लेकिन कवि छवि कभी उनसे जुदा नहीं हो पाई। लोकप्रियता को खैर अब भी बरकरार है और आज भी वे सबसे ‘महंगे’ कवियों में शुमार है। लेकिन पिछले कुछ समय से उनके सुर बदले-बदले नज़र आ रहे हैं।

बात करें पिछले कुछ समय में उनके दिए विवादित बयानों की। पहले तो कुमार विश्वास ने मंच से ‘बिना किसी का नाम लिए’ सोनाक्षी सिन्हा और उनके परिवार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा था ‘ऐसा न हो कि आपके घर का नाम तो रामायण हो और आपके घर की श्रीलक्ष्मी को कोई और उठाकर ले जाए’। मेरठ महोत्सव में उनके इस बयान पर खूब विवाद हुआ। लेकिन फिर कुछ दिनों बाद उन्होंने मुरादाबाद में कुछ ऐसा कह डाला..जिसका नतीजा अब उनकी गिरफ्तारी की माँग के रूप में सामने आ रहा है।

सैफ अली खान के बेटे तैमूर को लेकर कही थी ये बात

इस कार्यक्रम में उन्होंने भरे मंच से कहा “पैसा हम देंगे..टिकट हम खरीदेंगे..हीरोइन हम बनाएंगे..हीरो हम बनाएंगे और तुम्हारी तीसरी शादी से औलाद होगी तो उसका नाम बाहर से आने वाले किसी आक्रमणकारी के नाम पर रख लोगे, ये चलेगा नहीं। इतने नाम पड़े हैं..कुछ भी रख लेते। तुम्हें एक ही नाम मिला ? जिस लंगड़े आदमी ने हिंदुस्तान में आकर यहां की मां-बहनों के साथ बलात्कार किया, वो लफंगा ही मिला तुम्हें बच्चे का नाम रखने के लिए। और अब अगर इसे हीरो बनाओगे तो इसे खलनायक तक नहीं बनने देंगे हम ध्यान रखना।”

मोहब्बत की कविता सुनाते आख़िर क्यों गाने लगे नफ़रत के गीत!

इस बयान के बाद अब वे खुद खलनायक बनते दिख रहे हैं। दरअसल ये बयान फिर ‘बिना किसी का नाम लिए’ सैफ अली खान और उनके परिवार पर मौखिक हमला था। कुमार विश्वास ने उनके बेटे तैमूर के नाम को लेकर ये नफ़रती टिप्पणी की थी। अब सैफ अली खान पर हमले के बाद कुमार विश्वास का ये बयान फिर सुर्खियों में हैं और लोग उनपर गुस्सा उतार रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह से नफ़रत के बीज बोकर उन्होंने लोगों को उकसाने का काम किया है। वहीं, कांग्रेस से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह अभिनेता सैफ़ अली ख़ान और करीना कपूर को लेकर नफ़रत भरे बयान दिये गये, सोशल मीडिया पर ज़हर परोसा गया और सैफ़ अली ख़ान पर चोरी करने वाले ने जानलेवा हमला किया, इस सबसे पता चलता है कि मुम्बई की क़ानून व्यवस्था कितनी बदहाल है। इसी के साथ उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को टैग करते हुए कहा है कि मुम्बई की छवि का कुछ तो ध्यान रखिये। अगर सबसे पॉश इलाक़ों में रहने वाले फिल्मी सितारे तक सुरक्षित नहीं हैं तो फिर आम जनता का क्या हाल होगा।

सोशल मीडिया पर कुमार विश्वास की गिरफ्तारी की माँग 

हम ये बात जानते हैं कि जो लोग मशहूर होते हैं, जिनके पास किसी भी तरह की ताकत होती है, भले वो सत्ता की हो, पद की हो या शब्दों की हो..उनसे आम लोग प्रभावित होते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि जिम्मदेार और प्रभावशाली लोगों को बहुत एहतियात के साथ संभलकर कुछ भी कहना या करना चाहिए। कई बार लोग उनके प्रभाव में उनका अनुसरण भी करने लगते है। ऐसे में अब ये सवाल उठ रहे हैं कि चोरी की नीयत से घुसे चोर ने सैफ अली खान पर हमला क्यों किया। क्या इसके पीछे पिछले दिनों उनके बारे में कही गई द्वेषपूर्ण बातों का भी कोई असर है। बहरहाल, इन सवालों का जवाब पुलिस द्वारा तलाशा जाएगा जब आरोपी उनकी गिरफ्त में होगा और पूछताछ की जाएगी। लेकिन फ़िलहाल इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर हैशटैग अरेस्ट कुमार विश्वास (#ArrestKumarVishwas) ट्रेंड कर रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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