पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होना है। चुनाव आयोग की ओर से सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बार का बंगाल चुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है। वहीं सभी की निगाहें भवानीपुर सीट पर टिकी हुईं है। भवानीपुर से भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक बार फिर ममता बनर्जी मैदान में हैं। राज्य में टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। अब 4 मई को नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि क्या टीएमसी राज्य में फिर से सत्ता हासिल कर पाएगी या फिर भाजपा इसमें सेंध लगाकर अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी।
दूसरे चरण के मतदान के पहले बयानबाजी का सिलसिला जारी है। एक ओर जहां सीएम ममता बनर्जी फिर से जीत का दावा कर रही हैं तो वहीं भाजपा भी राज्य में सरकार बनाने का दावा कर रही है। इसी बीच, भाजपा उम्मीदवार और दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान सामने आया है।
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पढ़े-लिखे मुसलमान भी ममता को हटाना चाहते हैं- शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में मुसलमान 90 प्रतिशत वोट करता था लेकिन इस बार हवा बदली है। हिंदुओं ने 93 प्रतिशत मतदान कर दिया है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के लिए भी हिंदू तैयार है। साथ ही अधिकारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि कुछ पढ़े-लिखे मुसलमान भी ममता बनर्जी को हटाना चाहते हैं। इसलिए वे भी भाजपा को वोट करेंगे। इन मुसलमानों को वंदे मातरम से भी कोई तकलीफ नहीं हैं। ये भी चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करें।
अधिकारी ने मंगलवार को आए गुजरात निकाय चुनाव के नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में निकाय चुनाव का नतीजा आया और देखा कि मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र भी भाजपा की जीत हुई। कई मुस्लिम वार्डों में भाजपा के उम्मीदवार जीते हैं। संदेश साफ है राष्ट्रवाद की जय जयकार होगी। इस बार बंगाल में भी बदलाव की हवा देखी जा रही है।
भाजपा का बंगाल में जीत का दावा
बता दें कि पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के बाद भाजपा ने दावा किया कि लोगों ने बदलाव के लिए वोट डाला है। वहीं सोमवार को एक चुनावी रैली में अमित शाह ने 152 में से 110 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है। ऐसे में दूसरे चरण का मतदान बेहद अहम हो जाता है। अगर दूसरे चरण में टीएमसी ने अच्छा प्रदर्शन किया तो 100 से ज्यादा सीटें जीतकर भी भाजपा विपक्ष में रह सकती है।
