
एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने डीएमके पर उनकी पार्टी की रैलियों में जानबूझकर खाली एंबुलेंस भेजकर व्यवधान डालने का आरोप लगाया है। तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के अनाइकट क्षेत्र में एक चुनावी सभा के दौरान एक एंबुलेंस को भीड़ के बीच से गुजरना पड़ा। पलानीस्वामी ने कार्यकर्ताओं को वाहन की जांच करने का निर्देश दिया, जिसमें केवल चालक और एक तकनीशियन थे, कोई मरीज नहीं। उन्होंने इसे नीच राजनीति करार देते हुए डीएमके को चेतावनी दी कि अगली बार ऐसी हरकत हुई तो चालक को अस्पताल ले जाना पड़ सकता है।
एंबुलेंस चालक सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें एक मरीज के पास जाने का निर्देश मिला था और उन्हें अनाइकट पुलिस स्टेशन के पास से गुजरना पड़ा, जहां उन्हें कुछ देर रोका गया। भीड़ के कारण उन्हें सभा के बीच से गुजरना पड़ा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनके और उनके सहयोगी के कपड़े फाड़ दिए और पहचान पत्र तोड़ दिए। सुरेंद्र ने कहा कि पुलिस ने उनकी मदद की लेकिन मरीज को ले जाने में देरी हुई क्योंकि भीड़ तितर-बितर होने में समय लगा।
व्यवहार को बताया असभ्य
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम ने पलानीस्वामी के आरोपों को खारिज करते हुए उनके व्यवहार को असभ्य बताया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 1330, 108 एंबुलेंस जीवन रक्षक कार्य में लगी हैं और ये ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सराहनीय सेवा दे रही हैं। उन्होंने पलानीस्वामी पर मुख्य सड़कों पर सभाएं करने और एंबुलेंस को दोष देने का आरोप लगाया।
30 सभाओं में इस तरह की घटनाएं
पलानीस्वामी ने दावा किया कि उनकी 30 सभाओं में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने डीएमके पर उनकी रैलियों को बाधित करने के लिए खाली एंबुलेंस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए सरकार को कड़ी चेतावनी दी। इस विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है।
