AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ट्रंप का नाम लेकर पूछा ‘गोरा जो कहेगा वही सुनेंगे?’

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा में मोदी सरकार और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को 'झूठा राष्ट्रवाद' करार देते हुए अमेरिका के दबाव में रूस से तेल न खरीदने के फैसले की आलोचना की और सीएम के 'मियां' समुदाय पर दिए बयान पर भी सवाल उठाए।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ट्रंप का नाम लेकर पूछा ‘गोरा जो कहेगा वही सुनेंगे?’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों को लेकर तीखा हमला किया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे ‘झूठा राष्ट्रवाद’ (Pseudo-Nationalism) की संज्ञा दी।

ओवैसी ने विशेष रूप से भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने के फैसले की आलोचना की, जिसे उन्होंने अमेरिकी दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने इस संदर्भ में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक कथित बातचीत का भी उल्लेख किया।

‘क्या एक गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?’

विदेश नीति पर सरकार को घेरते हुए ओवैसी ने तंज भरे लहजे में सवाल किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि किसी बाहरी शक्ति के कहने पर चलना चाहिए।

“जब ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल नहीं खरीदना है तो मोदी जी ने तुरंत कहा- कब बंद करूं? … क्या एक ‘गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?'” — असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जैसे विशाल देश को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने चाहिए, ताकि वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति मजबूत बनी रहे। उन्होंने इसे देश के आत्मसम्मान से भी जोड़ा।

असम CM के ‘मियां’ वाले बयान पर जताई नाराजगी

ओवैसी ने अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस बयान की भी कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने ‘मियां’ समुदाय के ऑटो चालकों को कम किराया देने की बात कही थी। ओवैसी ने कहा कि सीएम ने कथित तौर पर कहा था कि अगर ऑटो ड्राइवर मियां हो तो उसे 5 रुपये की जगह 4 रुपये ही दें।

उन्होंने कहा, “जो देश ‘विकसित भारत’ बनने और चीन से मुकाबला करने की बात करता है, वहां का एक मुख्यमंत्री सिर्फ 1 रुपये के लिए इतनी छोटी सोच कैसे रख सकता है?” ओवैसी ने बताया कि असम में ‘मियां’ उन बंगाली भाषी मुसलमानों को कहा जाता है, जिन्हें अंग्रेज करीब 150-200 साल पहले खेती के लिए वहां लाए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारतीय नागरिक होना और बंगाली बोलना उनका एकमात्र अपराध है?

इसके अलावा, ओवैसी ने फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष पर मोदी सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका अपनी तकलीफ जाहिर करता है, वहीं गाजा में हजारों लोगों की मौत पर दुनिया चुप क्यों है? उन्होंने सरकार से नफरत फैलाने के बजाय संविधान के तहत सभी को बराबरी का दर्जा देने की अपील की।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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