AIMTC की सरकार से अपील, डीजल के दाम घटाएं और टोल टैक्स में दें राहत

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद देश में डीजल के दाम नहीं घटने पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
AIMTC की सरकार से अपील, डीजल के दाम घटाएं और टोल टैक्स में दें राहत

देश में डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर डीजल की कीमतों में तत्काल राहत देने की मांग की है।

पत्र में दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, जबकि देश में डीजल की कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई। संगठन का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्ट कारोबार पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

ट्रांसपोर्टर्स ने सरकार के सामने रखीं ये बड़ी मांगें

AIMTC ने अपने पत्र में सिर्फ डीजल सस्ता करने की मांग नहीं की, बल्कि कई दूसरी राहतों का भी सुझाव दिया है। संगठन का कहना है कि देश के अधिकांश कमर्शियल वाहन मालिक छोटे ऑपरेटर हैं, जिनके पास एक से दस वाहन तक हैं। बढ़ती लागत, कम माल ढुलाई और कारोबार में सुस्ती की वजह से इन पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

इसी को देखते हुए संगठन ने सरकार से पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें डीजल की कीमतों में तत्काल कमी, छोटे ट्रांसपोर्टर्स के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, लोन की आसान री-स्ट्रक्चरिंग, कम से कम तीन महीने तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स में राहत और ट्रांसपोर्ट संगठनों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान निकालने की मांग शामिल है।

डीजल महंगा रहने से किसानों और आम लोगों पर कैसे पड़ता है असर?

ट्रांसपोर्ट संगठन का कहना है कि डीजल सिर्फ ट्रकों का ईंधन नहीं है, बल्कि खेती और सप्लाई चेन की भी रीढ़ माना जाता है। खेतों में चलने वाले कई कृषि उपकरण, सिंचाई के पंप और माल ढुलाई के वाहन डीजल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में जब डीजल महंगा रहता है तो खेती की लागत बढ़ती है और इसका असर बाजार तक पहुंचने वाले सामान की कीमतों पर भी दिखाई देता है।

संगठन का मानना है कि माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां, दूध, दवाइयां, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की लागत भी बढ़ जाती है। हालांकि, डीजल की कीमतों में कोई बदलाव करना या नहीं करना पूरी तरह सरकार और तेल कंपनियों के नीति संबंधी फैसलों पर निर्भर करता है। फिलहाल AIMTC ने अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं।

Bhawna Choubey
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