RTO के करप्शन की CBI या न्यायिक जांच को लेकर AIMTC के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा पीएम मोदी को पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल द्वारा एक पत्र लिखा गया है, जिसमें आरटीओ में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की गई है।
RTO के करप्शन की CBI या न्यायिक जांच को लेकर AIMTC के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा पीएम मोदी को पत्र

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। दरअसल, इस पत्र में देशभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री से सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की गई है। डॉ. हरीश सभरवाल ने इस पत्र में कहा है कि आरटीओ अधिकारियों की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के चलते परिवहन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को भारी रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। AIMTC द्वारा आरटीओ के डिजिटाइजेशन, सख्त निगरानी प्रणाली और पारदर्शी प्रशासन लागू करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल द्वारा रखी गई है।

दरअसल, AIMTC द्वारा इस पत्र में मध्य प्रदेश के एक पूर्व आरटीओ कांस्टेबल के घर से 10 करोड़ नगद और 54 किलो सोना बरामद होने का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि यह भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा बॉर्डर चेक पोस्ट हटाने के बाद भी अवैध वसूली जारी है। AIMTC द्वारा यह दावा किया गया है कि पिछले 5 से 6 वर्षों में भ्रष्टाचार के चलते 300 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की जा चुकी है, जिसके चलते ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। इसी कारण, संगठन द्वारा यह मांग की गई है कि जप्त की गई अवैध संपत्ति को राजसात कर वाहन मालिकों को राहत दी जानी चाहिए।

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सात प्रमुख सुझाव भी दिए गए

AIMTC द्वारा लिखे गए इस पत्र में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सात प्रमुख सुझाव भी दिए गए हैं, जिनमें सीबीआई जांच, आरटीओ अधिकारियों की संपत्ति की जांच, बॉर्डर चेक पोस्ट समाप्त करना, कठोर दंड, डिजिटल पारदर्शिता, व्हिसलब्लोअर्स की सुरक्षा और ई-चालान प्रणाली में सुधार शामिल हैं। AIMTC का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों को केवल निलंबित करने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही, संगठन द्वारा यह मांग रखी गई है कि गुजरात मॉडल अपनाकर पूरे देश में आरटीओ चेक पोस्ट को हटाया जाए, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त परिवहन संभव हो सके।

AIMTC सरकार के सुधारात्मक प्रयासों में पूरा सहयोग देने के लिए तत्पर

AIMTC के अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अपील की है कि परिवहन क्षेत्र में फैल चुके इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द कड़े कदम उठाए जाएं। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो यह समस्या देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि AIMTC सरकार के सुधारात्मक प्रयासों में पूरा सहयोग देने के लिए तत्पर है और परिवहन क्षेत्र को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। हालांकि, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और क्या आरटीओ में सीबीआई या न्यायिक जांच के आदेश दिए जाएंगे।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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