हाथरस हादसे पर पत्रकार के सवाल से भड़के अखिलेश यादव, बोले- आप BJP के लिए काम मत करो

आज एक प्रेस कांफ्रेंस में जब एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से रामगोपाल यादव के बयान पर उनकी राय पूछी तो उन्होंने उस पत्रकार से कह दिया कि आप भाजपा के लिए काम मत करो, बहुत कर लिया आपने काम..मेरा निवेदन है आप पत्रकार साथियों से ..अखिलेश के इतना कहते ही वहां मौजूद सपा नेताओं ने जोरदार ठहाके लगाये और खूब तालियाँ बजाई ..
Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav told the journalist not to work for BJP: उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण हरि उर्फ़ भोले बाबा के सत्संग में हुए हादसे के बाद सियासत गरमाई हुई है, भोले बाबा के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर और भोले बाबा की अखिलेश द्वारा की गई तारीफों के वीडियो सामने आने के बाद वे सवालों से बच रहे हैं और पत्रकारों पर ही निशाना साध रहे हैं, आज भी उन्होंने ऐसा ही किया।

योगी सरकार एक्शन में 6 सेवादार हो चुके गिरफ्तार  

हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद उनके पैर की धूल लेने के लिए मची भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई इसमें महिला और बच्चे अधिक हैं, सीएम योगी के निर्देश पर घटना की न्यायिक जाँच शुरू हो गई है। पुलिस ने एक्शन लेते हुए अब तक 6 सेवादारों को गिरफ्तार कर लिया है, हालाँकि अभी मुख्य सेवादार फरार है। उधर एफआईआर में भोले बाबा का नाम नहीं होने से विपक्ष योगी सरकार से सवाल कर रहा है।

सवाल पर पत्रकार से बोले अखिलेश, भाजपा के लिए काम मत करो  

लेकिन भोले बाबा की तस्वीरें अखिलेश यदव के साथ आने के सवाल पर वे बचते दिखाई दे रहे हैं, अखिलेश भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तरह ही हर बात के लिए भाजपा को दोषी ठहरा रहे है और मीडिया पर निशाना साध रहे हैं। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कल कहा कि ये एक हादसा है और हादसे होते रहते हैं, आज एक प्रेस कांफ्रेंस में जब एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से रामगोपाल यादव के बयान पर उनकी राय पूछी तो उन्होंने उस पत्रकार से कह दिया कि आप भाजपा के लिए काम मत करो, बहुत कर लिया आपने काम..मेरा निवेदन है आप पत्रकार साथियों से ..अखिलेश के इतना कहते ही वहां मौजूद सपा नेताओं ने जोरदार ठहाके लगाये और खूब तालियाँ बजाई ..

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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