Amit Shah Kibithoo Video : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में दो दिवसीय अरूणाचल प्रदेश दौरे पर थे, जहां उन्होंने सीमा पर तैनात भारतीय जवानों की तारीफ की। दरअसल, अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है, जिनमें सड़क, पुल, विद्यालय, आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से स्थानीय जनता के जीवन में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास होगा। इस दौरान गृह मंत्री 10 अप्रैल को किबिथू का दौरा किया और रात भर रुके। जिसका एक वीडियो आज सोशल मीडिया पर मंत्री द्वारा शेयर किया है जो कि खुब वायरल हो रही है। आइए विस्तार से जानें…

देखें वीडियो

दरअसल, अमित शाह ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “भारत के पहले गांव किबिथू की यात्रा के दौरान खूबसूरत नजारों को कैद किया। अरुणाचल प्रदेश को अपार प्राकृतिक सुंदरता का वरदान प्राप्त है। मैं आग्रह करता हूं कि सभी अरुणाचल प्रदेश, विशेष रूप से किबिथू की यात्रा करें।” इस वीडियो में साफ तौर पर बर्फ की सुंदर वादियां, नदी, झरने को कैद किया गया है।

शाह ने अपनी यात्रा का अनुभव किया साझा

इस वीडियो के माध्यम से शाह ने अपनी इस यात्रा का अनुभव साझा करते हुए लोगों को अरुणाचल प्रदेश के खूबसूरत सौंदर्य का एक झलक दिलाया है। यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश के विकास और सुरक्षा के मामलों पर उत्तरदायित्व रखने वाले गृह मंत्री के लिए भी महत्वपूर्ण है। अमित शाह ने लोगों से कहा है कि, “किबिथू जैसे स्थानों को देखकर हमें हमारी प्राकृतिक धरोहरों की समझ बढ़ती है। इस दौरे में उन्होंने भारत-चीन सीमा पर तनाव को भी दोहराया और सेना को स्थिति के अनुसार तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमा की रक्षा में तैयार रहती है और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।”

“भारत का पहला गांव”

किबिथू एक छोटा सा गांव है जो अरुणाचल प्रदेश में स्थित है। यह गांव भारत-चीन सीमा से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इस गांव की खासियत यह है कि इसे “भारत का पहला गांव” कहा जाता है क्योंकि इस गांव में सूर्य की किरणें सबसे पहले पड़ती हैं। इसके अलावा, यह एक बहुत ही सुंदर गांव है जो बर्फ से ढके पहाड़ों, झरनों, नदियों और घाटियों से घिरा हुआ है। इस गांव में अनेक प्राकृतिक स्थल हैं जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं।

किबिथू गांव का इतिहास

इस किबिथू गांव का इतिहास अनेक तारीखों और किस्सों से भरा हुआ है। इस गांव का महत्व इस बात में है कि यह भारतीय सीमा की सबसे नॉर्थ-ईस्ट पॉइंट के पास स्थित है। इस गांव का इतिहास उस समय से शुरू होता है जब भारत और चीन के बीच बाल्टिस्तान और शक्सगम घाटी का विवाद शुरू हुआ था। यह गांव अब भी अन्य प्रदेशों से अलग है क्योंकि इसे सीमा के करीब स्थित होने के कारण लंबे समय तक वहां अलग-अलग जातियों के लोग रहते थे। यह गांव अपनी रौशनी और विशेष दिखावटी घटनाओं के लिए भी जाना जाता है।