
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंकिंग 91 से बढ़कर 38 हो गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में भारत शीर्ष 10 देशों में शामिल हो जाएगा। शाह ने गुजरात में स्टार्टअप कॉन्क्लेव के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जिसने युवाओं को नौकरी तलाशने वालों से नौकरी सृजनकर्ता में बदल दिया है।
शाह ने कहा कि 2014 में भारत में केवल 500 स्टार्टअप थे, लेकिन आज 1.92 लाख स्टार्टअप डीपीआईआईटी के साथ पंजीकृत हैं। 2014 में चार यूनिकॉर्न थे, जो अब बढ़कर 120 हो गए हैं, जिनका कुल बाजार मूल्य 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि 52 प्रतिशत स्टार्टअप टियर-दो और टियर-तीन शहरों में हैं, और 48 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 17.90 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया है।
स्टार्टअप इंडिया अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया अभियान ने वित्तीय, बुनियादी ढांचा, नीति और बैंकिंग समर्थन प्रदान किया है। अमित शाह ने बताया कि स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स बनाया गया है, और अधिकतम ऋण सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की गई है। साथ ही, विभिन्न कर रियायतें भी दी गई हैं। उन्होंने उद्योग नेताओं से स्टार्टअप्स में निवेश करने की अपील की, यह कहते हुए कि इनमें से कोई एक यूनिकॉर्न बन सकता है।
स्टार्टअप क्षेत्र में देश का नेतृत्व
रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात पिछले चार वर्षों से स्टार्टअप क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात स्टार्टअप क्रांति का केंद्र बन गया है, जिसमें 16,000 स्टार्टअप हैं, और अहमदाबाद शहर 6,650 स्टार्टअप्स के साथ शीर्ष-चार शहरों में शामिल है।
