अब Jammu-Kashmir, Ladakh में कोई भी खरीद सकता है जमीन- केंद्र सरकार, उमर अब्दुल्ला ने जताई आपत्ति

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर(Jammu-Kashmir) और लद्दाख(Ladakh ) के केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए कानूनों को अधिसूचित किया है। केंद्र ने 26 राज्य कानूनों को प्रतिस्थापित किया है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) और लद्दाख (Ladakh )में जमीन खरीद सकता है। केंद्र ने जम्मू और कश्मीर(Jammu-Kashmir) में और लद्दाख में जमीन खरीदने की पूर्व शर्त के रूप में “राज्य का स्थायी निवासी होने” को हटा दिया है।

इस अधिसूचना (Notification) में, राज्य भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 30 और भाग VII, संवत 1990 को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास अधिनियम, 2013 (30 का 2013) में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था।

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केंद्र ने j&K एलियनेशन ऑफ लैंड एक्ट, 1995 (J&K alienation of land act,1995) और J&K बिग लैंड एस्टेट्स एक्ट (J&K Big Land Estates Act) और J&K कॉमन लैंड्स (विनियमन) अधिनियम (J&K common lands (regulation) act), 1956 और j&K कंसॉलिडेशन ऑफ होल्डिंग्स एक्ट, 1962 को भी पूरी तरह से निरस्त कर दिया।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा कि जम्मू-कश्मीर के भूमि स्वामित्व कानूनों के लिए अस्वीकार्य संशोधन है। यहां तक ​​कि अधिवास के टोकन को दूर किया गया है जब गैर-कृषि भूमि खरीदने और कृषि भूमि के हस्तांतरण को आसान बनाया गया है। जम्मू और कश्मीर अब बिक्री के लिए तैयार है और गरीब छोटे भूमि रखने वाले मालिकों को नुकसान होगा।

बता दें कि हेल्थकेयर या शिक्षा 133-जे के प्रचार के उद्देश्य से भूमि के हस्तांतरण के तहत, सरकार स्वास्थ्य सेवा या वरिष्ठ माध्यमिक या उच्च या विशेष शिक्षा के प्रचार के उद्देश्य से किसी व्यक्ति या संस्थान के पक्ष में भूमि के हस्तांतरण की अनुमति केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर  में दे सकती है।

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केंद्र ने पिछले सभी भूमि कानूनों को निरस्त कर दिया है, जिसमें जम्मू और कश्मीर कृषि रोकथाम अधिनियम, 1960 की रोकथाम शामिल है। जम्मू और कश्मीर भूमि के रूपांतरण और बागान अधिनियम, 1975 के अलगाव पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जम्मू और कश्मीर की पूर्व खरीद अधिनियम, 1936 ए डी का अधिकार, J & K टेनेंसी की धारा 3 (निष्कासन कार्यवाही का ठहराव) अधिनियम 1966; भूमि अधिनियम, 2010 का जम्मू और कश्मीर उपयोग; और जम्मू और कश्मीर भूमिगत उपयोगिताएँ (भूमि में उपयोगकर्ता के अधिकारों का अधिग्रहण) अधिनियम।

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Gaurav Sharma
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