दिल्ली में AQI 400 पार, पेट्रोल-डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक, यहां जानिए ग्रैप-3 के चलते कौन से काम नहीं कर सकेंगे

दिल्ली में एक्यूआई स्तर फिर चिंताजनक हो गया है। शनिवार को कुछ इलाकों में यह स्तर 400 के पार रहा, जबकि रविवार को भी आईटीओ इलाके में एक्यूआई 402 तक पहुंच गया। अब बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली में AQI 400 पार, पेट्रोल-डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक, यहां जानिए ग्रैप-3 के चलते कौन से काम नहीं कर सकेंगे

शनिवार को दिल्ली में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 385 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्तर के बिल्कुल नजदीक पहुंच गया है। दिल्ली के 40 में से 20–21 स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है और कुछ स्टेशनों पर एक्यूआई 400 से ज्यादा दर्ज किया गया है। इन स्टेशनों में अशोक नगर, बवाना, विवेक विहार, शादीपुर, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका शामिल हैं। हालांकि एक्यूआई लेवल को देखते हुए और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी स्टेज-3 लागू कर दिया है।

रविवार को भी स्थिति गंभीर बनी रही। दिल्ली के आईटीओ एरिया में एक्यूआई 402 दर्ज किया गया, जिसे बेहद गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। इसे लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी है कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी पाबंदियों को अब स्थायी तौर पर लागू किया गया है।

ग्रैप-3 के तहत इन चीज़ों पर रहेगी रोक

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अब बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वाले पेट्रोल-डीजल और बीएस-6 मानक से कम वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर स्थायी रोक रहेगी। ये पाबंदियां पहले सिर्फ ग्रैप लागू होने पर ही लगती थीं, लेकिन अब सरकार ने अगले आदेश तक इन्हें लागू रखने का फैसला किया है। बता दें कि ग्रैप-3 के तहत कई तरह की पाबंदियां रहती हैं, जिनमें सीवर, वाटर लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिकल केबल डालने पर रोक शामिल है। सड़क और नालियों का काम भी बंद किया जाता है। बोरिंग और ड्रिलिंग समेत सभी तरह की खुदाई के काम रोक दिए जाते हैं और तोड़फोड़ की सभी गतिविधियां भी बंद रहती हैं। इसके अलावा बिल्डिंग और गैस कटिंग से जुड़े काम भी बंद किए जाते हैं। पेंटिंग और पॉलिशिंग की भी अनुमति नहीं होती है।

ये काम किए जा सकेंगे

हालांकि ग्रैप-3 के दौरान सीमेंट प्लास्टर, कोचिंग, इंडोर में रिपेयर और मेंटेनेंस के काम किए जा सकते हैं। टाइल्स, पत्थर और अन्य फ्लोरिंग मटेरियल की कटिंग और ग्राइंडिंग पर रोक रहती है, लेकिन इंडोर में छोटी रिपेयरिंग की अनुमति होती है। वॉटरप्रूफिंग के काम पर रोक रहती है, लेकिन केमिकल वॉटरप्रूफिंग को छूट दी जाती है। सड़क निर्माण और बड़ी रिपेयरिंग से जुड़े काम बंद रहते हैं। सीमेंट, राख, ईंट, रेत, टूटे पत्थर जैसे धूल पैदा करने वाले सामान की लोडिंग-अनलोडिंग भी बंद रहती है। कंस्ट्रक्शन का सामान ले जा रही गाड़ियों के कच्चे रास्तों पर चलने पर रोक रहती है और तोड़फोड़ का वेस्ट भी नहीं ले जाया जा सकता। बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल गाड़ियों की आवाजाही पर भी दिल्ली में रोक लगा दी गई है। जानकारी दे दें कि ग्रैप-3 के चलते सरकार की ओर से 18 दिसंबर को सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू किया गया था।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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