नई दिल्ली: दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ी राहत मिली है। राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं। इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे सत्य की जीत बताया और सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने इसे आम आदमी पार्टी को खत्म करने की एक बड़ी साजिश करार दिया।
केजरीवाल का PM मोदी पर सीधा हमला, दी चुनाव की चुनौती
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अदालत के 600 पन्नों के आदेश ने यह साफ कर दिया है कि पूरा मामला फर्जी था और इसमें जरा भी सच्चाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस ‘साजिश’ के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
“दो लोगों (PM मोदी और अमित शाह) ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की यह साज़िश रची। मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई है, पैसा नहीं।”- अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री
केजरीवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने बीजेपी को दिल्ली में फिर से चुनाव कराने की चुनौती भी दे डाली। उन्होंने कहा, “मैं मोदी जी को दिल्ली में फिर से चुनाव कराने का चैलेंज देता हूं। मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि अगर उन्हें 10 से ज़्यादा सीटें मिलीं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए सवाल किया कि रॉबर्ट वाड्रा या गांधी परिवार जेल क्यों नहीं गया?
फैसले से हैरान, ऊपरी अदालत जाएगी CBI: मनोज तिवारी
वहीं, अदालत के इस फैसले पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि वह इस फैसले से हैरान हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर सबूत मिटाने में माहिर होने का आरोप लगाया।
मनोज तिवारी ने कहा, “भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी के बहुत हाथ-पैर होते हैं। जब से आम आदमी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगे, तब-तब ये बात सामने आई कि ये लोग सबूत मिटाने में एक्सपर्ट हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली की आबकारी नीति में कोई गड़बड़ी नहीं थी तो केजरीवाल सरकार ने इसे वापस क्यों लिया?
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निचली अदालत का फैसला है और सीबीआई इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी। तिवारी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले जमानत रद्द की थी, क्योंकि मामले में सबूत थे। हमें पूरा भरोसा है कि घोटालों में शामिल अपराधी हारेंगे और सच की जीत होगी।”





