नहीं रहे महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़, 80 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

आज मेवाड़ के पूर्व राज परिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया। उनका जन्म 13 दिसंबर 1944 को हुआ था। उनकी अंतिम यात्रा शंभू निवास से शुरू होकर बड़ी पोल, जगदीश चौक, घंटाघर, बड़ा बाजार, देहली गेट से होकर महासतियां पहुंचेगी। सोमवार सुबह 7:00 बजे तक सिटी पैलेस में पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे।
नहीं रहे महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़, 80 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

आज, रविवार 16 मार्च को उदयपुर के पूर्व राज परिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया। उनकी उम्र 80 वर्ष थी। लंबे समय से अरविंद सिंह मेवाड़ बीमार चल रहे थे और उनका इलाज सिटी पैलेस के शंभू निवास में किया जा रहा था। बता दें कि अरविंद सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप के वंशज थे। उनके पिता भगवत सिंह मेवाड़ और माता सुशीला कुमारी मेवाड़ थीं।

पिछले साल ही अरविंद सिंह मेवाड़ के बड़े भाई महेंद्र सिंह मेवाड़ का निधन हुआ था। उनका निधन 10 नवंबर 2024 को हुआ था। वहीं, अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन की खबर के बाद सिटी पैलेस को टूरिस्ट के लिए बंद कर दिया गया है और सिटी पैलेस की सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है।

संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ

अरविंद सिंह के पिता, पूर्व महाराणा भगवत सिंह ने साल 1963 से 1983 तक पूर्व राज परिवार की कई संपत्तियों को लीज पर देने का निर्णय किया था। हालांकि, इससे उनके बड़े बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ नाराज हो गए थे और पिता के इस फैसले से असहमति जताते हुए उन्होंने उन पर केस भी किया था। महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कोर्ट में कहा था कि “रूल ऑफ प्रीमोजेनिचर” प्रथा को छोड़कर संपत्तियों को सभी में बराबर बांटा जाना चाहिए। दरअसल, आजादी के बाद यह नियम था कि परिवार में बड़ा बेटा ही राजा बनेगा। हालांकि, महेंद्र सिंह द्वारा लगाए गए केस के बाद पिता भगवत सिंह नाराज हो गए और उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि संपत्ति का बंटवारा नहीं होगा।

15 मई 1984 को पूर्व महाराणा भगवत सिंह ने अपनी वसीयत लिखी थी

हालांकि, 15 मई 1984 को पूर्व महाराणा भगवत सिंह ने अपनी वसीयत में अरविंद सिंह मेवाड़ को संपत्ति का एग्जीक्यूटर बना दिया। हाल ही में राजस्थान समिट में अरविंद सिंह के बेटे लक्ष्यराज सिंह ने कहा था कि उनके पिता अरविंद सिंह ने 1980 के दशक में डेस्टिनेशन वेडिंग को लेकर एक नई सोच विकसित की थी। उस समय कुछ लोगों ने उनका मजाक भी उड़ाया था, लेकिन आज हालात बदल गए हैं। न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे देश में डेस्टिनेशन वेडिंग का एक प्रचलन शुरू हो चुका है। अब अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके पार्थिव देह को सिटी पैलेस में सोमवार सुबह 7:00 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, इसके बाद अंतिम यात्रा सुबह 11:00 बजे निकलेगी।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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