उपराष्ट्रपति जगदीप घनखड़ के इस्तीफे पर अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, बोले ‘पहले ही कहा था, दबाव में कर रहे हैं काम’

कुछ आठ दस दिन ही बीते होंगे जब राजस्थान के पूर्व सीएम के इन आरोपों को उपराष्ट्रपति ने नकारा था। उन्होंने भरे मंच से कहा था कि उनपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। लेकिन अब अचानक आए उनके इस्तीफे ने कई अटकलों को हवा दे दी है। गहलोत ने त्यागपत्र में दिए गए स्वास्थ्य कारणों पर भी सवाल उठाया है और कहा है कि समय आने पर इस घटना की हकीकत सामने आएगी।
Ashok Gehlot

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर राजनीति गरमा गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इसे ‘चौंकाने वाली और संशय पैदा करने वाली घटना’ बताया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया गया है उसपर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।

अशोक गहलोत ने कहा कि जगदीप धनखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं और इस इस्तीफे से राजस्थान वालों को बहुत धक्का लगा है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने दस दिन पहले ही कहा था कि राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ और लोकसभा के चेयरमैन ओम बिड़ला दबाव में काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘समय आने पर पता चलेगा कि हकीकत क्या थी’।

हाल ही में जगदीप धनखड़ ने ‘दबाव’ की बात नकारी थी

हाल ही में अशोक गहलोत के उस बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा और राज्यसभा के स्पीकर दबाव में काम कर रहे हैं…जगदीप धनखड़ ने मंच से जवाब देते हुए सरासर बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘राज्य की सरकार यदि केंद्र की सरकार के अनुरूप नहीं है तो आरोप लगना बहुत आसान हो जाता है। मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है। राजस्थान का पानी पीने वाला व्यक्ति दबाव में आ ही कैसे सकता है।’

अशोक गहलोत ने इस्तीफे पर उठाए सवाल

एक रात पहले आई इस खबर ने राजनीति हलकों में तूफान ला दिया है। अचानक बिना किसी भूमिका के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना त्यागपत्र दिया है लेकिन इसपर कई लोगों..ख़ासकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एएनआई के साथ बात करते हुए कहा कि इससे राजस्थान के लोगों को बहुत धक्का लगा है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने अभी दस दिन पहले ही कहा था कि उपराष्ट्रपति जो राज्यसभा के चेयरमैन हैं और जो लोकसभा के चेयरमैन हैं..दोनों दबाव में काम कर रहे हैं। उसके बाद धनखड़ साहब जयपुर आए तो उन्होंने कहा कि मैं किसी दबाव में काम नहीं कर रहा हूं। लेकिन कहना और बात है और हकीकत अलग बात है। कल की घटना वास्तव में चौंकाने वाली है..संशय पैदा करती है। ये मामूली घटना नहीं है। लोगों को आश्चर्य हो रहा है। मैं चाहूंगा कि उनका इस्तीफा वापस लेने की संभावना हो तो ऐसा किया जाए। ये स्थिति चौंकाने वाली, आश्चर्यचकित करने वाली और कई सवाल खड़े करने वाली भी है।’

कहा ‘राजस्थान वालों को धक्का लगा है’

अशोक गहलोत ने कहा है कि ‘यह बहुत चौंकाने वाली बात है। जिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया है इससे देश भर में चर्चा चल रही है, और हर कोई कह रहा है कि यह स्वास्थ्य के कारण नहीं हो सकता है। कोई और कारण हो सकता है, जो सामने नहीं आया है। इतिहास में पहली बार उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया है। कई बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के हार्ट के ऑपरेशन भी होते हैं तब भी इस्तीफे नहीं होते हैं। ये स्वास्थ्य कारण समझ नहीं आ रहा है। राजस्थान वालों को बहुत धक्का लगा है क्योंकि वो राजस्थान के रहने वाले हैं। किसानों के लिए संसद के अंदर और संसद के बाहर भी आवाज़ उठाते रहे हैं। उपराष्ट्रपति पद पर राजस्थान का सपूत बैठा हो और वो अचानक इस्तीफा दे दे तो ऐसा क्यों किया समझ नहीं पा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि समय आने पर पता चलेगा कि इस घटना की हकीकत क्या थी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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