
असम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही अभी दूर हो, लेकिन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक बयान ने राज्य की सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी चुनावों में करीब 40 नए चेहरों पर दांव लगा सकती है, जिससे पार्टी के मौजूदा विधायकों और टिकट के दावेदारों में हलचल मच गई है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने जोरहाट के सोताई क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान’ के तहत आयोजित एक बैठक के दौरान की। इस बयान के बाद माना जा रहा है कि पार्टी की अंतिम उम्मीदवार सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
क्यों हो सकता है इतना बड़ा फेरबदल?
मुख्यमंत्री के बयान के पीछे का गणित साफ है। उन्होंने बताया कि बीजेपी 103 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, जबकि वर्तमान में पार्टी के पास सिर्फ 63 विधायक हैं। इस अंतर को भरने के लिए लगभग 40 सीटों पर नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारना एक रणनीतिक कदम हो सकता है।
“हमारे पास वर्तमान में 63 विधायक हैं, लेकिन हम 103 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इसलिए आगामी विधानसभा चुनावों में नए चेहरे देखने की प्रबल संभावना है।” — हिमंता बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री, असम
इस कदम से पार्टी नए समीकरण साधने और सत्ता विरोधी लहर (अगर कोई हो) को कम करने की कोशिश कर सकती है।
लगभग 80 सीटों पर उम्मीदवार तय
यह घोषणा उस वक्त आई है जब पार्टी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा ने लगभग 80 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। हालांकि, इन नामों पर अंतिम मुहर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही लगाएगा। आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
राज्य भर में चुनाव प्रचार तेज
एक तरफ जहां उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने पूरे असम में अपना चुनाव अभियान भी तेज कर दिया है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हर निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं के साथ सीधे संपर्क साध रहे हैं। बड़े पैमाने पर जनसभाएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि चुनावी जमीन को और मजबूत किया जा सके। 40 नए चेहरों की संभावना ने आगामी चुनावों को और भी दिलचस्प बना दिया है, जिसमें कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
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