असम की राजनीति में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई के बीच जुबानी जंग एक नए स्तर पर पहुंच गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के बाद यह सियासी भूचाल आया है, जिसमें गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों का जिक्र है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई। सीएम सरमा के इन आरोपों ने असम के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
‘सदी की सबसे घटिया प्रेस कॉन्फ्रेंस’
मुख्यमंत्री के आरोपों पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सीएम सरमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘सुपर फ्लॉप’ और ‘सदी की सबसे घटिया प्रेस कॉन्फ्रेंस’ करार दिया।
गोगोई ने लिखा, “मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर तरस आता है जिन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। यह एक C-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर थी। तथाकथित चतुर मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए तर्क पूरी तरह से बेतुके और झूठे थे।”
मुख्यमंत्री पद की गरिमा का मजाक बनाया
गौरव गोगोई यहीं नहीं रुके। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में भी मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्रीय स्तर पर खुद को शर्मिंदा किया है, क्योंकि वह अपनी ढाई घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संतुष्ट नहीं कर पाए।
“सरमा को लगता है कि असम के लोगों के पास बुद्धि और समझ नहीं है। वह झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की गरिमा का मजाक बना दिया है। एसआईटी की रिपोर्ट से यह भी साफ है कि वह परेशान हैं।” — गौरव गोगोई, कांग्रेस सांसद
इसके साथ ही गोगोई ने अपनी ‘समय परिवर्तन यात्रा’ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्रा ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर कब्जा की गई 12,000 बीघा जमीन के मुद्दे को सफलतापूर्वक उजागर किया है, जिसके चलते सीएम बौखलाए हुए हैं। इस पूरे प्रकरण ने असम में सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।





