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कल से खुलेगा NBFC आय फाइनेंस का IPO, यहां जानिए प्राइस बैंड लेकर न्यूनतम निवेश की जानकारी

Written by:Rishabh Namdev
Published:
गुरुग्राम स्थित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) आय फाइनेंस का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 9 फरवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹1,010 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है, जिसके लिए प्राइस बैंड ₹122 से ₹129 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशक 11 फरवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे।
कल से खुलेगा NBFC आय फाइनेंस का IPO, यहां जानिए प्राइस बैंड लेकर न्यूनतम निवेश की जानकारी

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लोन देने वाली गुरुग्राम की कंपनी आय फाइनेंस अपना IPO लेकर आ रही है। यह इश्यू आम निवेशकों के लिए शुक्रवार, 9 फरवरी को खुलेगा और 11 फरवरी को बंद होगा। कंपनी ने इस IPO के जरिए बाजार से 1,010 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है।

IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया हासिल की है। 6 फरवरी को कंपनी ने 19 एंकर इन्वेस्टर्स के जरिए 454.5 करोड़ रुपए जुटा लिए। यह अलॉटमेंट अपर प्राइस बैंड पर किया गया, जिसमें 3.52 करोड़ शेयर आवंटित किए गए।

एंकर निवेशकों में बड़े वैश्विक नाम शामिल

आय फाइनेंस के एंकर बुक में कई बड़े वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें सबसे बड़े निवेशक निप्पॉन लाइफ इंडिया और गोल्डमैन सैक्स फंड्स रहे हैं, जिन्होंने 74-74 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। इनके अलावा बे पॉन्ड, सोसाइटी जनरल, बीएनपी पारिबा और अशोक इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी इस राउंड में हिस्सा लिया, जो कंपनी के प्रति बाजार के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।

निवेश के लिए कितना पैसा चाहिए?

कंपनी ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड ₹122 से ₹129 प्रति इक्विटी शेयर तय किया है।

  • लॉट साइज: निवेशक कम से कम 116 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं।
  • न्यूनतम निवेश: प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,964 का निवेश करना होगा।
  • अधिकतम निवेश: रिटेल निवेशक अधिकतम 1,94,532 रुपए तक की बोली लगा सकते हैं।

IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने पूंजी आधार को मजबूत करने के लिए करेगी। कंपनी के अनुसार, नए फंड (710 करोड़ रुपए) का उपयोग भविष्य में बिजनेस और एसेट्स ग्रोथ के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी की ऋण देने की क्षमता में वृद्धि होगी।