
आज शनिवार, 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत रत्न से सम्मानित नेता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट भी किया। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति के प्रति वाजपेयी की प्रतिबद्धता एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के प्रयासों को प्रेरित करती रहेगी।
दरअसल, आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है, ऐसे में कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद किया। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए लिखा कि अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए भारत की सर्वांगीण प्रगति के लिए उनका समर्पण और सेवा भावना सभी को एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
Remembering Atal Ji on his Punya Tithi. His dedication and spirit of service towards the all-round progress of India continue to inspire everyone in building a developed and self-reliant India.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 16, 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी
आज केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गजेंद्र सिंह शेखावत, किरेन रिजिजू, जदयू सांसद संजय झा, साथ ही दिल्ली की मेयर रेखा गुप्ता भी श्रद्धांजलि देने ‘सदैव अटल’ पर पहुंचे। सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना सारा जीवन एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प में काम किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, राष्ट्र उनके अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखेगा।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वह भारत के तीन बार प्रधानमंत्री चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी अपना कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता भी थे। पहली बार 16 मई 1996 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि उनका पहला कार्यकाल बेहद छोटा रहा था। अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में भारत के विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। वह एक वरिष्ठ नेता के साथ-साथ कवि भी थे। 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस ली।
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