
india alliance vice president candidate nomination update
भारत में अगले उपराष्ट्रपति चुनाव (9 सितंबर 2025) की राजनीति गर्म होती जा रही है। इस महत्वपूर्ण लड़ाई में दो गठबंधनों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं, INDIA ब्लॉक ने रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को चुना है। सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को संसद में अपना नामांकन दाखिल किया, जहां उनकी उम्मीदवारी की पुष्टि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी की सांसद सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुई।
INDIA ब्लॉक ने इस चुनाव को सिर्फ राजनीतिक होता दिखने की बजाय संविधान के रक्षार्थ एक आदर्श संघर्ष के रूप में चित्रित किया है। सुदर्शन रेड्डी की न्यायिक पृष्ठभूमि—सुप्रीम कोर्ट जज, गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और गोवा के पहले लोकायुक्त- उन्हें इस चुनाव के लिए एक मजबूत नैतिक पृष्ठभूमि देती है। दूसरी ओर, NDA ने सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी में पूरी राजनीतिक ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नामांकन में प्रस्तावक बनकर समर्थन किया—इससे उनका राजनीतिक दर्जा और बढ़ा है।
चुनाव में “दक्षिणी टकराव”
दिल के मामले में, यह मुकाबला केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है। यह दो विचारधाराओं-न्याय, संविधान और स्वतंत्रता की रक्षा बनाम राजनैतिक ताकत और गठबंधन समर्थन के बीच संघर्ष माना जा रहा है। यह टिप्पणी भी मिल रही है कि इस बार का उपराष्ट्रपति चुनाव एक “दक्षिणी टकराव” होने जा रहा है। क्योंकि दोनों प्रत्याशी—सुदर्शन रेड्डी (तेलंगाना) और राधाकृष्णन (तमिलनाडु)—दक्षिण भारत से हैं, जो इस क्षेत्र की राजनीतिक गूंज को भी दर्शाता है।
असली परिणाम क्या होगा?
अब मुख्य सवाल यह है कि इस चुनाव का असली परिणाम क्या होगा? NDA के पास संसदीय मतदाताओं की संख्या ज़्यादा है, लेकिन INDIA ब्लॉक इस चुनाव को सिर्फ हार-जीत तक सीमित नहीं रखना चाहता—वे लोकतंत्र में विपक्ष के योगदान और आदर्शों को स्थापित करना चाहते हैं। इसलिए यह चुनाव न केवल एक संवैधानिक पद के लिए हो रहा है, बल्कि लोकतंत्र के स्वरूप, विपक्ष की ताकत और लोकतांत्रिक आदर्शों की लड़ाई का निर्णायक मोड़ बनने जा रहा है।
