SC छात्रों के लिए बड़ा फैसला, 59,000 करोड़ की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी

SC छात्रों के लिए बड़ा फैसला, 59,000 करोड़ की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट| मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) की बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं| सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा के लिए बड़ा फ़ैसला लेते हुए अनुसूचित जाति (SC) छात्रों के लिए 59,000 करोड़ की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (Post Matric Scholarship Scheme) को मंज़ूरी दी है| इस योजना से 4 करोड़ से ज़्यादा छात्रों को फायदा मिलेगा| छात्रवृत्ति के लिए 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य देंगे|

कैबिनेट के फ़ैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (prakash javadekar) ने दी| केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश में डीटीएच सेवाएं प्रदान करने के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अब डीटीएच लाइसेंस 20 साल के लिए जारी किया जाएगा। यही नहीं लाइसेंस शुल्क त्रैमासिक एकत्र किया जाएगा।

इसके साथ ही जावड़ेकर ने कहा कि डीटीएच क्षेत्र को 100% एफडीआई में लाया गया है, पहले कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दी थी, पर I&B मंत्रालय के गाइडलाइंस के कारण ये पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा था, पर अब इसे पूरी तरह लागू करने का रास्ता कैबिनेट ने साफ कर दिया है| अब 20 साल का लाइसेंस मिलेगा और रिन्यूअल 10 साल में होगा| जावड़ेकर ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने फिल्म्स डिवीजनों के विलय को मंजूरी भी दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने दिल्ली के अनियमित कॉलोनियों में रहने वालों को क़ानूनी संरक्षण देने संबंधित अध्यादेश को भी मंजूरी दी

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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