
HP Employees Arrears : हिमाचल प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण खबर है।विरोध के बाद सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार ने सोमवार को छठे वेतन आयोग के बकाया एरियर को लेकर जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।खबर है कि 0.25% एरियर वाले फार्मूले से कर्मचारी-शिक्षक नाराज हो गए थे, जिसके बाद सरकार ने आदेश को निरस्त कर दिया। सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। संभावना है कि जल्द ही जनवरी 2016 से एरियर के संंबंध में नए आदेश जारी किए जाएंगे।
4 मार्च को एरियर भुगतान को लेकर जारी हुआ था ये आदेश
दरअसल, 4 मार्च को हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों पेंशनरों के छठे वेतन आयोग के बकाया एरियर के संबंध में एक आदेश जारी किया था।वित्त विभाग के आदेश के तहत, रेगुलर सरकारी कर्मचारियों को जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के एरियर का भुगतान और कर्मचारियों पेंशनरों को जुलाई 2022 से DA की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों पेंशनरों को आगामी वित्त वर्ष में कुल एरियर का साढ़े 4% भुगतान किया जाएगा। संशोधित वेतनमान के कुल एरियर का 1.5% मार्च और 3% भुगतान वार्षिक रूप से वित्तीय वर्ष 2024 में किया जाएगा जो प्रति माह कुल बकाया का 0.25% की दर से वितरित किया जाएगा।
0.25% एरियर वाले फार्मूला से नाराज थे कर्मचारी
- फॉर्मूल के तहत तय किया गया कि बकाया की मात्रा वेतनमान और डीए के बकाया के लिए निर्धारित सीमा से अधिक न हो।पेंशनरों को एरियर हर माह वेतन और पेंशन के साथ दिया जाएगा लेकिन कर्मचारियों के साढ़े 24% एरियर का भुगतान होगा।अगर पेंशनरों का एरियर 5000 रुपये से कम रहा तो इसे एक साथ दे दिया जाएगा।
- 3 % सालाना एरियर का भुगतान हर महीने के वेतन में पॉइंट 25 यानी 0.25% के हिसाब के साथ किया जाएगा।कर्मचारियों के डीए के एरियर का भुगतान वित्त वर्ष 2024-25 के आरंभ यानी पहली अप्रैल 2024 से होगा।इस आदेश के जारी होते ही कर्मचारी नाराज हो गए।
कर्मचारियों ने जताई थी नाराजगी, वित्त विभाग ने वापस लिया आदेश
- सोमवार को वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी करने के बाद मंगलवार को सचिवालय कर्मचारियों के महासंघ ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें कर्मचारी और पेंशनरों की दोनों नोटिफिकेशन में अंतर बताया और इसे वापस लेने की मांग की।कर्मचारियों का तर्क था कि इस फार्मूले से एरियर चुकाने में 33 साल लगेंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग, बिजली बोर्ड और विवि कर्मचारियों ने भी इन आदेशों को गलत बताया ।
- फीडबैक मिलने के बाद सीएम ने वित्त विभाग के अधिकारियों को इन्हें संशोधित करने को कहा और शाम तक संशोधन पर चर्चा पूरी न होने के कारण वित्त विभाग ने होनों आदेशों को वापस ले लिया।संभावना है कि अब जल्द ही इस संबंंध में नए आदेश जारी किए जाएंगे। वेतन आयोग का यह एरियर पहली जनवरी, 2016 से है, जबकि महंगाई भत्ते का एरियर पहली जुलाई, 2022 से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लंबित है।

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

