कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए ताजा अपडेट, पुरानी पेंशन बहाली पर पूर्व उपाध्यक्ष का बड़ा बयान, पढ़े यहां

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Old Pension Scheme 2022 : देश के 4 राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद आगामी चुनावों से पहले अन्य राज्यों में भी इसकी मांग तेज हो चली है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी यह चुनाव मुद्दा बना हुआ है। वही केन्द्रीय कर्मचारी भी इस मांग पर अड़े हुए है, इसी बीच नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया (Montek singh Ahluwalia) का पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर बड़ा बयान सामने आया है।

पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को वापस लाना सबसे बड़ी ‘रेवड़ियों’ में से एक होगा। पुरानी पेंशन योजना को यद‍ि वापस लाया जाता है तो यह सरकार की सबसे बड़ी ‘रेवड़ियों’ में से एक होगा। पीएम मोदी ने रेवड़ी (फ्री ग‍िफ्ट) को लेकर सही कहा है।

आहलूवालिया ने यह भी कहा हर कोई राजकोषीय घाटे को कम करने की बात करता है लेकिन कोई भी निश्चित व्यय से छुटकारा पाने सॉलिड उपाय नहीं ढूंढता है। हमें अमेरिका या यूरोप में मंदी है या नहीं, इस बात पर ध्यान देने के बजाय भारतीय अर्थव्यवस्था को 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने की जरूरत है।

क्या है ओपीएस और एनपीएस

आपको बता दें पुरानी पेंशन योजना के तहत सरकार द्वारा कर्मचारियों-पेंशनरों को पूरी पेंशन राशि दी जाती थी, इसे 1 अप्रैल 2004 से बंद कर दिया गया था। नई योजना के अनुसार, कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन में योगदान करते हैं, जबकि राज्य सरकार 14 प्रतिशत का योगदान करती है।इधर, चर्चा है कि विपक्ष के बढ़ते दबाव के बाद अगले साल 2023 में मोदी सरकार पुरानी पेंशन योजना लाने पर विचार कर सकती है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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