
Uttarakhand Contract Daily Outsourced Employees :उत्तराखंड के वन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों के न्यूनतम वेतनमान और नियमितिकरण पर ताजा अपडेट है। नैनीताल हाईकोर्ट ने 3 हफ्तों के अंदर राज्य सरकार को प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स, संविदा व दैनिक वेतन कर्मचारियों का डाटा एकत्र कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए मई माह की तिथि नियत की है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा 3 हफ्तों में सभी विभागों का डाटा
शनिवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान देने व उन्हें नियमित किए जाने को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश भर में सभी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स, संविदा सहित दैनिक वेतन कर्मचारियों का डाटा एकत्र करके 3 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है ताकी कर्मचारियों के हित में कोई स्कीम बनाई जा सके।
ये है पूरा मामला
दरअसल, वन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह पिछले कई वर्षों से विभाग में कार्यरत है। उन्हें न तो नियमित किया जा रहा और न ही न्यूनतम वेतनमान दिया जा रहा।इस पर पूर्व में एकलपीठ ने उनके हित में फैसला देते हुए कहा था कि उन्हें न्यूनतम वेतन व नियमित किया जाए। लेकिन राज्य सरकार ने इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती देते हुए कहा था कि सरकार के पास यह पद स्वीकृत नहीं हैं और न ही न्यूनतम वेतन के लिए बजट है, ऐसे में एकलपीठ के आदेश को निरस्त किया जाय। इसके बाद शनिवार को फिर इस मामले में सुनवाई हुई और कोर्ट ने सभी विभागों का डाटा मांगा है।
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