कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, जल्द मिलेगा इस योजना का लाभ! जानें खाते में कितनी आएगी पेंशन?

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पटना, डेस्क रिपोर्ट। बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार की नीतिश कुमार सरकार राज्य में जल्द  ‘नेशनल पेंशन’ ला सकती है। इसमें नेशनल पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी की मौत के बाद आश्रित को पुराना पेंशन दिया जाएगा ।हालांकि यह रकम सैलरी की आधी होगी। इसका लाभ नए नियुक्त होने वाले कर्मचारी को मिलेगा और खबर है कि इसी माह राज्य सरकार इसकी रिपोर्ट सौंपेगी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार की तर्ज बिहार सरकार जल्द नेशनल पेंशन स्कीम के तहत मृतक कर्मचारी के परिजनों को पुरानी पारिवारिक पेंशन योजना का लाभ दे सकती है। इसके लिए वित्त विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई जो जून अंत कर पूरी रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को सौपेगी।प्रदेश में 1.95 लाख कर्मचारी एनपीएस के दायरे में आते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके तहत मृतक कर्मचारियों के आश्रित को उनके आखिरी वेतन भुगतान की 50 फीसदी राशि पेंशन के तौर पर दी सकती है।हालांकि इसका लाभ नए नियुक्ति होने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। इसके लिए कर्मचारियों को को पहले ही एक ऑपशन का चुनाव करना होगा।

बता दे कि केंद्र सरकार ने एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को पुरानी पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पारिवारिक पेंशन देने के लिए पेंशन नियम में संशोधन किया है।इसके तहत मृतक कर्मचारियों के परिवार वालों को आखिरी वेतन भुगतान की 50 फीसदी राशि पेंशन के तौर पर दी जाएगी।

इस संबंध में हाल ही में कार्मिक मंत्रालय द्वारा आदेश भी जारी किया गया था।वही शर्त रखी है कि कर्मचारियों को मौत होने पर पेंशन पाने के लिए 7 साल की न्यूनतम सर्विस करनी होगी, जबकि पहले 10 साल सर्विस करने का नियम लागू था।

ऐसे मिलेगा लाभ

  • कर्मचारियों की मौत होने के बाद परिवार के सदस्‍य (आश्रित) को 7 साल तक बेसिक सैलरी का 50 % और साथ में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) जोड़ते हुए पेंशन दिया जाएगा।
  • 7 साल के बाद बेसिक सैलरी का 30% और महंगाई भत्ता भी जोड़ते हुए दिया जाएगा।
  • उदाहरण के तौर पर- अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है और उसकी सैलरी 60,000 है तो परिवारिक के सदस्‍य को 7 साल तक 30 हजार रुपए और 7 साल के बाद 18,000 रुपए दिए जाएंगे।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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