सरकारी कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, पुरानी पेंशन बहाली पर CM का बड़ा बयान, जानें कब मिलेगा लाभ?

Govt employee news

demo pic

रांची, डेस्क रिपोर्ट। झारखंड के सरकारी कर्मचारियों पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। जल्द छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बाद झारखंड में भी पुरानी पेंशन योजना बहाल होने वाली है।पुरानी पेंशन योजना को लेकर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा बयान सामने आया है। सोरेन ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव पारित हो चुका है, जल्द एसओपी जारी की जाएगी।

यह भी पढ़े.. लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नया नियम लागू, आदेश जारी, ऐसे मिलेगा लाभ

दरअसल, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हेमंत सोरेन ने पुरानी पेंशन नीति का भी जिक्र किया और जल्द लागू करने का वादा किया। उन्होंने कहा सरकारी कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने के सम्बन्ध में मैंने वादा किया था। इस सम्बन्ध में कैबिनेट से प्रस्ताव भी पारित हो चुका है। SOP निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, शीघ्र ही इसे पूर्णरुपेण लागू कर दिया जाएगा।

बता दें कि पुरानी पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2004 को बंद कर दिया गया था। इसकी जगह पर केंद्र की राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को पेंशन के लिए शुरू किया गया। पुरानी पेंशन योजना के तहत जिन राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अप्रैल 2004 से पहले की गई थी, लेकिन अगर उनका योगदान 1 दिसंबर 2004 के बाद किया जाता है, तो उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना लेने का विकल्प मिलेगा।

यह भी पढ़े.. Sehore News: भारी बारिश के चलते सभी स्कूलों में 2 दिन का अवकाश घोषित, कलेक्टर का आदेश जारी

सीएम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भत्ता देने की घोषणा की है।राज्य में 15 नवंबर से सीएम सारथी योजना शुरू होगी जिसके तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को प्रोत्साहन भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा। वही सभी रिक्त पदों को भरने के स्पष्ट निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। विश्वविद्यालयों में 2716 शिक्षकों की नियुक्ति की अधिसूचना जेपीएससी को भेजी गई है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews