सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, इस नियम में बड़ा बदलाव, जानें पेंशन-ग्रेच्युटी पर क्या पड़ेगा असर?

अब अगर किसी कर्मचारी को अनुशासनहीनता या किसी अन्य दुर्व्यवहार के चलते PSU से बर्खास्त या सेवा से हटाया जाता है, तो उसकी रिटायरमेंट सुविधाएं भी जब्त की जा सकती हैं।
Pension

New pension rules : सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने पीएसयू (PSU) कर्मचारियों के लिए पेंशन से जुड़े न‍ियमों में अहम बदलाव किया है, जिसके तहत नौकरी से निकाले जाने पर रिटायरमेंट के फायदे नहीं मिलेंगे। पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे लाभ भी जब्त हो जाएंगे।

केन्द्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में बदलाव किए हैं, जिसके अनुसार, अगर किसी PSU कर्मचारी को गलत काम करने की वजह से नौकरी से निकाला जाता है तो उसे रिटायरमेंट के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे लाभ नहीं मिलेंगे।अबतक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े कर्मचारियों को बर्खास्तगी या सेवा से हटाए जाने की स्थिति में सेवानिवृत्ति लाभ मिल जाते है यानि उनके पेंशन या ग्रेच्युटी जैसे लाभ सुरक्षित रहते थे,लेकिनअब इस संशोधन के बाद ऐसा संभव नहीं होगा।

मंत्रालय करेगा आखिरी फैसला

कार्मिक मंत्रालय के आदेश के तहत अगर किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया जाता है तो संबंधित मंत्रालय उस फैसले की समीक्षा करेगा। मंत्रालय जांचेगा कि क्या कर्मचारी को निकालने का फैसला सही था या नहीं। अगर मंत्रालय को लगता है कि फैसला गलत था तो वह उसे बदल सकता है।बर्खास्तगी या छंटनी क‍िये गए कर्मचारियों को ‘भविष्य में अच्छे आचरण’ के आधार पर पेंशन या फैम‍िली पेंशन दी जा सकती है।इसके अलावा कम्‍पोस‍िनेट अलाउंस जैसे न‍ियम भी लागू होंगे।

इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा यह नियम

यह नियम रेलवे कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों और IAS, IPS और IFoS अधिकारियों पर लागू नहीं होता है। यह नियम केवल उन पीएसयू कर्मचारियों पर लागू होता है जिन्हें 31 दिसंबर, 2003 को या उससे पहले नियुक्त किया गया था।

क्या लिखा है आदेश में 

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, विधि कार्य विभाग, विधायी विभाग और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से सीसीएस (पेंशन) नियम 2021 के नियम 37 (29)(ग) में संशोधन किया है।इसके तहत किसी कर्मचारी के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में आमेलन के पश्‍चात किसी भी कदाचार के लिए उसे ऐसे उपक्रम की सेवा से पदच्‍युत किए जाने या हटाने से सरकार के अधीन की गई सेवा के लिए सेवानिवृत्ति हित लाभ भी जब्त हो जाएंगे और उसकी पदच्‍युति या हटाने या छंटनी की दशा में उपक्रम के निर्णय उपक्रम से संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय के पुनर्विलोकन के अध्‍यधीन होंगे।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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