शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, सैलरी-पेंशन पर अपडेट, जानें कब खाते में आएगी राशि?

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Bihar Teacher employees Salary 2024 : बिहार के विश्वविद्यालय और कॉलेज के शिक्षकों और कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। खाते फ्रीज होने के चलते कर्मचारियों- शिक्षकों के वेतन और पेंशन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा, हालांकि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन-पेंशन के भुगतान के लिए 751.76 करोड़ राशि जमा करा दी है लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा बैंक खातों के संचालन पर रोक लगाने से राशि की निकासी नहीं हो सकी।

मार्च में ही राज्य सरकार ने भेज दी थी राशि

दरअसल, राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले  सभी विश्वविद्यालयों तथा उसके अधीनस्थ अंगीभूत, अल्पसंख्यक एवं घाटानुदानित महाविद्यालयों के सृजित पदों से सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सेवांत लाभ के लिए 751.76 करोड़ राशि जारी कर दी है।यह राशि शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन तथा सेवानिवृत्त अध्यापक एवं कर्मियों को पेंशन-ग्रेच्यूटी आदि का समय भुगतान के लिए दी गई है।

खाते फ्रीज होने के चलते नहीं मिला अबतक वेतन-पेंशन

  • जागरण की खबर के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा जारी किस्त में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को फरवरी के लिए 26.75 करोड़, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को नवंबर 2023 से फरवरी 2024 के लिए 59.37 करोड़, बीएन मंडल विश्वविद्यालय को जनवरी-फरवरी के लिए 27.56 करोड़, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को नवंबर 2023 से फरवरी 2024 के लिए 103 करोड़ और मुंगेर विश्वविद्यालय को जनवरी-फरवरी के वेतन के लिए 4.43 कराेड़ की राशि उपलब्ध करायी गई है।
  • इसके बाद शिक्षा विभाग ने मार्च में विश्वविद्यालयों के लिए 529 करोड़ 97 लाख 71 हजार 32 रुपये की राशि जारी की थी, इस राशि से जनवरी से मार्च तक शिक्षकों को वेतन-पेंशन भुगतान किया जाना है, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा रखी है, बैंक को पत्र लिखकर विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का भी खाता फ्रीज करा दिया है, जिसके चलते अब तक वेतन का भुगतान नहीं हो सका और ना ही पेंशन राशि जारी की गई है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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