हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत, फिर मिलेगा इस अलाउंस का लाभ, ये होंगे हकदार, खाते में आएगी इतनी राशि

dearness allowance

लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। हजारों रेल कर्मचारियों (Railway Employees) के लिए राहत भरी खबर है। कर्मचारियों को एक बार फिर रात्रिकालीन ड्यूटी भत्ता का लाभ मिलने वाला है। कर्मचारियों की मांग पर वित्त मंत्रालय ने ग्रीन सिग्नल दे दिया है। । इस संबंध में जल्द ही रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किया जाएगा। खास बात ये है कि अब 43600 रुपये से अधिक बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी भी रात्रिकालीन ड्यूटी भत्ता पा सकेंगे।पहले इन्हें बाहर रखा गया था।

यह भी पढ़े.. MP Weather: कई सिस्टम एक्टिव, 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 4 संभागों में बिजली गिरने की चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले कहा गया था कि 43600 से अधिक वेतन पाने रेल कर्मचारियों को रात्रि भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन अब इन कर्मंचारियों को भी भत्ते का लाभ मिलेगा। अभी तक इससे कम बेसिक वेतन वाले रेलकर्मी को ही भत्ता मिल रहा था। अब स्टेशन मास्टर, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, टीटीई, लोको पायलट, कंट्रोल रूम कर्मी, बुकिंग कर्मी, टिकट क्लर्क भी रात्रि ड्यूटी पर भत्ते के हकदार होंगे। फिलहाल ट्रैक मैन, पैट मैन, गेट मैन आदि को ही यह भत्ता मिल रहा है।पहले कहा गया था कि  43600 से अधिक वेतन पाने जिन कर्मचारियों को भत्ते दिए जा चुके हैं, उनसे रोक लगने की तिथि से रिकवरी भी की जाएगी।

यह भी पढ़े.. एमपी निकाय चुनाव: BJP की जीत को लेकर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा, देखें वीडियो

इस फैसले से देशभर के हजारों कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। रेलकर्मी की रात्रि ड्यूटी रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक होती है। सितंबर वर्ष 2020 में इस भत्ते पर रोक लग गई थी। उत्तर-मध्य रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव ने बताया कि रात्रिकालीन भत्ते की हमारी मांग मान ली गई है, वित्त मंत्री ने मुहर लगा दी है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के 15 हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।जिन्हें रात्रिकालीन ड्यूटी भत्ते का भुगतान किया गया है उसकी वसूली पहली जुलाई वर्ष 2017 से की जाए। अब नए फैसले से ऐसे रेल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जिन पर देनदारी भी बन रही थी।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews