मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी सरकार गठन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है और इस माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मणिपुर यात्रा ने पार्टी को इस अशांत राज्य में सरकार बनाने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। मणिपुर में फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है और विधानसभा निलंबित अवस्था में है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।
मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनना रहा है। फरवरी में जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके चार दिन बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। इसके चलते बीजेपी को सरकार गठन में देरी हुई।
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व सक्रिय
एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, “लगभग दो साल का समय बाकी होने के कारण सरकार गठन की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है। पार्टी के नेता अब अपने रुख में नरमी बरत रहे हैं।” इस दिशा में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा है ताकि जल्द से जल्द स्थिर सरकार का गठन हो सके। मणिपुर में स्थिरता और शांति की बहाली के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए एकजुट हो रहे हैं।
