CBSE Board: CBSE 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए ओपन बुक परीक्षा का पायलट रन करेगा, रटने की जगह समझने पर देगा जोर

CBSE Board 10th Result

CBSE Board: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) साल के अंत में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक की चयनित स्कूलों में खुली किताब परीक्षा यानी ओपन बुक परीक्षा का पायलट रन करने की योजना बना रहा है। यह पहल छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने और उन्हें अपने विचार को समझने और विश्लेषण का कौशल को प्रदर्शन करने का अवसर देने के लिए की गई है।

क्या होती है ओपन बुक परीक्षा

ओपन बुक परीक्षा में छात्रों को परीक्षा के दौरान अपनी पुस्तकों नोट्स और अन्य सामग्री का उपयोग करने की अनुमति दी जाती है। प्रश्न मुख्य रूप से क्रिटिकल थिंकिंग और एनालिसिस होंगे जो छात्रों को रटने की वजह समझने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

कौन-कौन से विषय होंगे शामिल

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आइडिया 2023 के दिसंबर में सीबीएसई (CBSE) की आखिरी साशा निकाय की बैठक में रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार बोर्ड साल के अंत में कुछ चुनें हुए स्कूलों में परीक्षा का नया तरीका आजमाने वाला है। इस ट्रायल में कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और जीव विज्ञान विषयों को शामिल किया जाएगा। हालांकि, कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस फॉर्मेट को अपनाने की कोई योजना नहीं है।

इसका यह मतलब है कि इन कक्षाओं और विषयों के लिए चुने गए स्कूलों में छात्रों को परीक्षा के दौरान अपनी किताबें और नोट्स देखने की अनुमति दी जा सकती है यह अभी एक परीक्षण है और यह देखने के लिए किया जा रहा है कि यह तरीका कितना कारगर है।

ओपन बुक परीक्षा (ओबीई) का क्या उद्देश्य है

ओबीई का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के डर से मुक्त करना और उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह छात्रों को रचनात्मक और स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रोत्साहित करेगा।यह छात्रों को अपनी अवधारणात्मक समझ और विश्लेषणात्मक कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर देगा।

आपको बता दें, इससे पहले भी 2014-15 से 2016-17 तक 3 सालों के लिए कक्षा 9वी और 11वीं के साल के अंत की परीक्षाओं के लिए एक ओपन टेक्स्ट बेस्ड इवोल्यूशन यानी (ओटबीए) फॉर्मेट का प्रयोग किया गया था। लेकिन नकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर इसे खत्म कर दिया गया था। एक बार फिर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) खुली किताब परीक्षा की पहल शुरू करने जा रहा है अब देखना यह होगा कि यह आइडिया कितना सफल होता है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews