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सरकार ने अवैध प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलावों की जाँच के लिए बनाई उच्च-स्तरीय समिति, अमित शाह ने दी जानकारी

Written by:Gaurav Sharma
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अवैध घुसपैठ और अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलावों की जाँच के लिए केंद्र सरकार ने एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। गृह मंत्री शाह ने इसे देश के भविष्य की बड़ी चुनौती बताया है।
सरकार ने अवैध प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलावों की जाँच के लिए बनाई उच्च-स्तरीय समिति, अमित शाह ने दी जानकारी

गृह मंत्रालय ने देश में अवैध प्रवासन और अप्राकृतिक कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जाँच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़े कदम का मंगलवार को ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह समिति देश की सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने और अवैध घुसपैठ पर लगाम कसने के केंद्र सरकार के वृहद अभियान का हिस्सा है। नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के बाद अब सरकार का अगला बड़ा फोकस अवैध घुसपैठ को रोकना है।

गृह मंत्री शाह ने अपने एक्स पोस्ट में स्पष्ट किया कि घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से होने वाला जनसांख्यिकीय बदलाव किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित किया। शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को एक उच्च-स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की थी। यह नई समिति उसी घोषणा के बाद बनाई गई है।

समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर करेंगे। इसमें जनगणना आयुक्त पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। यह समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का व्यापक मूल्यांकन करेगी।

जनसांख्यिकीय बदलाव देश की संप्रभुता के लिए खतरा: अमित शाह

अमित शाह ने जनसांख्यिकीय बदलाव को एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी संप्रभुता के लिए खतरा है। इसके साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव ला सकता है। जनजातीय समाज के संरक्षण से भी यह समस्या सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। समिति का काम पूरे भारत में हो रहे इन जनसांख्यिकीय बदलावों का गहन मूल्यांकन करना है।

समिति धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी। इसका उद्देश्य सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बना रहे। केंद्र सरकार ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है।

पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 को किया था हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन की घोषणा की थी। उन्होंने तब कहा था कि घुसपैठिये देश के लिए एक नया संकट पैदा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा था कि ये घुसपैठिये हमारे युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। उन्होंने देश की बेटियों और बहनों को निशाना बनाने का भी जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार अब इन घोषणाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए गंभीर कदम उठा रही है। यह समिति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का लक्ष्य है कि देश की सीमाओं को पूरी तरह से अभेद्य बनाया जाए और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जाए।

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