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108 डॉलर प्रति बैरल पर कीमत कम, 99 डॉलर प्रति बैरल पर ज्यादा! मल्लिकार्जुन खड़गे का पेट्रोल डीज़ल के दाम पर सरकार से सीधा सवाल

Written by:Atul Saxena
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अगर महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही, बेरोज़गारी बढ़ती रही, फैक्ट्रियां और MSMEs बंद होती रहीं तो देश का क्या होगा? मोदी सरकार लोगों की परेशानियों को हल करने में नाकाम है।
108 डॉलर प्रति बैरल पर कीमत कम, 99 डॉलर प्रति बैरल पर ज्यादा! मल्लिकार्जुन खड़गे का पेट्रोल डीज़ल के दाम पर सरकार से सीधा सवाल

mallikarjun kharge

देश में पिछले 11 दिनों में कई बार पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि की गई है, कीमतें करीब 7 रुपये 50 पैसे तक बढ़ चुकी है जिसका सीधा असर आम जनता पर हो रहा है इसे लेकर कांग्रेस हमलावर है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बढती कीमतों को स्लो पॉइज़निंग कहा है और प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर तंज कसा है। खड़गे ने पीआईबी की एक सोशल मीडिया पोस्ट के हवाले से सरकार पर बड़ा हमला किया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे में मीडिया से बात करते हुए कहा कीमतों की धीरे धीरे बढ़ाना पीएम मोदी का एक तरीका है ये गरीबों को मारने के लिए धीमे जहर की तरह है ये हमेशा यही काम करते हैं मोदी सरकार का काम है कीमतों को थोड़ा थोड़ा बढ़ाना जिसकी मार गरीब पर पड़ती है।

खड़गे ने कहा आज एक सप्ताह में कीमतें 10-12 रुपये बढ़ गई है तो इसका मतलब ये हैं कि पीएम मोदी इस पर ध्यान नहीं देना चाहते और देश को बर्बाद करना चाहते हैं, वो कहते हैं कि मैं सबकुछ देश के लिए कर रहा हूँ त्याग कर रहा हूँ लेकिन यहाँ लोग मर रहे हैं महंगाई, बेरोजगारी बढ़ रही है ऐसे होता जायेगा तो क्या होगा?

ये सरकार जनता की परेशानियों को हल करने में नाकाम 

खड़गे में कहा आज सभी वर्ग इस सरकार से नाराज है वे मान रहे हैं कि ये सरकार जनता की परेशानियों को हल करने में नाकाम है, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा नीट सहित कई मामले हैं जिसपर पीएम रिव्यू नहीं करते समझ नहीं आता कि पीएम मोदी को देश चलाना है या एक प्रवासी की तरह पूरी दुनिया घूमनी है, एक टूरिस्ट की तरह दुनिया के सारे देश घूमना है?

PIB के बयान के आधार पर मोदी सरकार को घेरा  

खड़गे ने X पर लिखा – PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल 108.05 डॉलर प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल 71.51 रुपये और डीज़ल 56.71 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।

बड़ा सवाल, कच्चा तेल सस्ता तो जनता को राहत क्यों नहीं 

आज कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः 102.12 रुपये और 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 प्रतिशत और डीज़ल करीब 67.9 प्रतिशत महँगा हो गया। हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महँगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महँगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है। सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महँगा क्यों? जनता को राहत क्यों नहीं?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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