LPG संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, राज्यों को मिलेगा 50% कमर्शियल सिलेंडर कोटा, जानें श्रमिकों के लिए क्या है खास

देश में LPG आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घोषणा की है कि अब कमर्शियल एलपीजी का 50 प्रतिशत कोटा राज्य सरकारों को आवंटित किया जाएगा, जिसमें प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो के सिलेंडर को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है और आपूर्ति सामान्य हो रही है।
LPG Gas Cylinder

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण उत्पन्न हुए एलपीजी संकट की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। सोमवार (23 मार्च) को पेट्रोलियम मंत्रालय ने जानकारी दी कि अब कमर्शियल एलपीजी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसका वितरण सुनिश्चित कर सकें।

यह फैसला 21 मार्च को लिया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर न पड़े। सरकार ने विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया है।

किसे मिलेगी प्राथमिकता?

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों से इस कोटे का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर करने का अनुरोध किया है। इस आवंटन में निम्नलिखित क्षेत्रों को शामिल करने के लिए कहा गया है:

  • रेस्तरां, ढाबे और होटल
  • औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां
  • डेयरी यूनिट्स
  • राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन
  • सामुदायिक रसोई
  • प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर

इस कदम से न केवल कमर्शियल सेक्टर को राहत मिलेगी, बल्कि उन प्रवासी मजदूरों को भी आसानी होगी जो छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं।

पैनिक बुकिंग में आई कमी, आपूर्ति सामान्य

सुजाता शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि बाजार में एलपीजी को लेकर शुरुआती घबराहट अब कम हो गई है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की अफरा-तफरी में की गई बुकिंग में गिरावट आई है और वितरण सामान्य स्तर पर है।

“एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है। रिटेल आउटलेट पर स्थिति सामान्य है। एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है, लेकिन एलपीजी वितरकों के पास इसकी कोई कमी नहीं है।”- सुजाता शर्मा, संयुक्त सचिव, पेट्रोलियम मंत्रालय

आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन या तो जारी किए गए हैं या फिर से सक्रिय किए गए हैं, जो मांग को पूरा करने के प्रयासों को दर्शाता है।

राज्यों ने शुरू किया वितरण

सरकार के इस फैसले पर अमल भी शुरू हो गया है। अब तक लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन कर दिया है। इसके तहत करीब 15,800 टन कमर्शियल एलपीजी का वितरण किया जा चुका है। वहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी भी सामान्य रूप से चल रही है, जिसमें अधिकांश डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के माध्यम से हो रही हैं। वितरकों के स्तर पर किसी भी तरह की कमी की कोई सूचना नहीं है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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