Cloud End: बादलों के बीच बसा है मसूरी का ये व्यू प्वाइंट, ये 9 जगह है बहुत खास

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Cloud End Of Massoorie: अप्रैल के महीने में जिस तरह की गर्मी पड़ रही है, उसे देखकर लगता है कि मई और जून के महीने में तो हालत खराब होने वाली है। इसमें कहीं सुकून मिलने वाला है तो वह कोई पहाड़ों पर मौजूद जगह ही हो सकती है। गर्मियों के मौसम में अधिकतर लोग हिल स्टेशन पर घूमने जाना पसंद करते हैं।

हमारे देश में एक से एक बढ़कर एक जगह घूमने के लिए मौजूद है और कई सारे हिल स्टेशन भी है जहां पर्यटकों का आना जाना लगा रहता। मसूरी एक ऐसी जगह है जिसके बारे में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो नहीं जानता होगा।

खूबसूरत वादियों से घिरा हुआ यह हिल स्टेशन दिल्ली से सिर्फ 6 से 7 घंटे की दूरी पर मौजूद है। यहां पर देखने के लिए एक से बढ़कर एक आकर्षक जगह मौजूद है लेकिन आज हम आपको जिस जगह के बारे में बता रहे हैं उसके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।

ऐसा है मसूरी का Cloud End

मसूरी की ये जगह बादलों में छिपी हुई है और बहुत ही शानदार है। इस जगह को क्लाउड एंड के नाम से पहचाना जाता है। यहां पर गाड़ी या टैक्सी के माध्यम से एक से डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। आपको इस जगह की पूरी जानकारी देते हैं।

क्लाउड एंड व्यू प्वाइंट मसूरी की खूबसूरती चोटी पर बसा हुआ है। घने ओक और देवदार के जंगलों से घिरी इस जगह पर बेनोग वन्यजीव अभयारण्य से सिर्फ 2 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है जहां ट्रेकिंग करके पहुंचा जा सकता है।

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जब आप इस पहाड़ की चोटी पर पहुंचेंगे तो ताजी हवा और व्यू प्वाइंट देखकर आपका दिल बाग बाग हो जाएगा। यहां से नजर आने वाले मनोरम दृश्य देखकर आपको स्वर्ग सा एहसास होने वाला है। यहां से बादल बहुत ही नजदीक नजर आते हैं, यही वजह है कि इसे क्लाउड एंड के नाम से जाना जाता है।

यहां पर खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य देखने के अलावा आपको अंग्रेजी वास्तुकला का दीदार करने के लिए भी मिलेगा। यहां पर एक इमारत है जिसका निर्माण ब्रिटिश अधिकारी मेजर स्वेतेन्हम ने साल 1838 में करवाया था। ये मसूरी की सबसे पुरानी इमारतों से एक है और इसे अब हैरिटेज होटल में बदल दिया गया है।

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ये बंगला आज भी अपने अंदर पुरानी वास्तुकला, बेहतरीन चित्र, इतिहास, कलाकारी, किताब और फर्नीचर समेटे हुए है। साथ ही इस जगह पर आपको हिल क्लाइंबिंग, फोटोग्राफी और गांव का टूर करने का मौका भी मिलने वाला है।

क्लाउड एंड के आसपास मौजूद जगह

जब आप इस खूबसूरत जगह पर पहुंचेंगे तो यहां पर आपको घूमनेटी के लिए कई सारे प्लेस मिल जाएंगे। बेनोग वन्यजीव अभयारण्य, ज्वाला देवी मंदिर, लाल टिब्बा, गन हिल, कैमल्स बैक रोड, सोहम हेरिटेज एंड आर्ट सेंटर, हैप्पी वैली, लाइब्रेरी बाजार, लेक मिस्ट ये कुछ ऐसी जगह है जो इसे व्यूप्वाइंट के आसपास मौजूद है और यहां आपको एक से बढ़कर एक चीज है देखने के लिए मिलेगी।

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जाने का सही समय

मसूरी एक एक ऐसी जगह है जहां साल भर मौसम अच्छा बना रहता है और अगर आप क्लाउड एंड घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो किसी भी मौसम में इस खूबसूरत जगह का दीदार कर सकते हैं। सारे मौसमों को छोड़ बारिश में यहां पर जाने से बचें क्योंकि रास्ता सकरा होने की वजह से आप मुश्किल में फंस सकते हैं। वहीं ठंड के मौसम में जाने के दौरान अपने साथ गर्म कपड़े रखना बिल्कुल भी ना भूलें।

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कैसे पहुंचे क्लाउड एंड मसूरी

मसूरी शहर से इस जगह की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है। आप जीप या टैक्सी की मदद से यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। जाने के लिए आपको ज्यादा किराया भी नहीं चुकाना होगा आप 50 रुपए में यहां पहुंच जाएंगे।

यहां के नजदीकी रेलवे स्टेशन की बात करें तो वह देहरादून है जिसकी दूरी 37 किलोमीटर है और नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो बस 60 किलोमीटर दूर है।

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अगर आप भी गर्मियों से परेशान हो गए हैं और किसी ठंडी और खूबसूरत जगह पर घूमने जाने के बारे में एक रहे हैं तो ये खूबसूरत जगह आपका दिल खोलकर इंतजार कर रही है। जब आप यहां जाएंगे तो आपको खूबसूरत मनोरम प्राकृतिक दृश्यों का दीदार होगा, जो आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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