दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के बाद राजधानी की राजनीति में एक नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है। शुक्रवार को अदालत का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए और अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए, जिसका कांग्रेस पार्टी ने पुरजोर तरीके से जवाब दिया है।
फैसले के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल रो पड़े और उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए पूछा कि क्या वे कभी जेल गए। केजरीवाल के इस भावनात्मक और राजनीतिक हमले ने कांग्रेस को जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया, जिसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने मोर्चा संभाला।
‘हमारा नेता शेर है’ — सुप्रिया श्रीनेत का तंज
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अरविंद केजरीवाल के रोने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने केजरीवाल की तुलना राहुल गांधी से करते हुए कहा कि उन पर सिर्फ एक मामला था, जबकि ‘हमारा नेता (राहुल गांधी) शेर है’ जिन पर कथित तौर पर 32 मुकदमे दर्ज हैं। श्रीनेत ने इस तुलना के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक लड़ाइयां मजबूती से लड़ी जाती हैं।
क्या आंसुओं में पुराने आरोपों का पछतावा है?
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने केजरीवाल पर हमला बोलते हुए उनके राजनीतिक उदय के दिनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जिस दर्द का अनुभव आज केजरीवाल कर रहे हैं, वैसा ही दर्द तब डॉ. मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और शीला दीक्षित ने भी महसूस किया होगा, जिन्हें केजरीवाल ने केवल प्रोपेगेंडा के लिए बदनाम किया था।
“केजरीवाल ने शुरुआती राजनीति पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिवंगत दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित को निशाना बनाकर की थी। क्या केजरीवाल के आंसुओं में 2011-12 में AAP की शुरुआत के समय लगाए गए आरोपों के लिए थोड़ा पछतावा भी झलक रहा है?” — गुरदीप सिंह सप्पल
सप्पल ने आगे कहा, “झूठे आरोप, झूठा मसीहा, खोखला लोकपाल, ये सब उनके द्वारा रचे गए नाटक का हिस्सा थे।” उन्होंने सवाल किया कि क्या केजरीवाल के आंसू केवल अपने लिए हैं या उन लोगों के लिए भी, जिनका उन्होंने मीडिया ट्रायल किया था।
पवन खेड़ा ने CBI और BJP को घेरा
वहीं, कांग्रेस के एक और वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस पूरे मामले में एक अलग एंगल जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और CBI पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के नियंत्रण वाली CBI ने जानबूझकर अपना केस कमजोर किया।
खेड़ा ने X पर लिखा, “यह भाजपा की रणनीति है। प्रतिशोध को शासन का नाम देना और एजेंसियों को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गुजरात और पंजाब चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई को चुपचाप खत्म कर दिया जाएगा। इस तरह कांग्रेस ने केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए पूरे मामले को भाजपा की एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया है।






