खामेनेई की मौत पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- ‘भारत इतना कमजोर कभी नहीं था’

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए और कहा कि यह उन सभी मूल्यों के साथ विश्वासघात है जिनके लिए भारत हमेशा से खड़ा रहा है।
खामेनेई की मौत पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- 'भारत इतना कमजोर कभी नहीं था'

मध्य-पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की कथित मौत पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत पहले कभी इतना कमजोर नहीं दिखा।

खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने ईरान को भारत का पारंपरिक मित्र बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका और इजरायल के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया।

‘यह मूल्यों के साथ घोर विश्वासघात है’

पवन खेड़ा ने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि ईरान में उनके सुप्रीम लीडर समेत अन्य नेताओं की हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी, अमेरिका और इजरायल की आलोचना न करने की अनिच्छा को दर्शाती है।

“यह उन सभी मूल्यों के साथ घोर विश्वासघात है, जिनके लिए भारत अब तक खड़ा रहा है। भारत पहले कभी इतना कमजोर नहीं दिखा।” — पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेता ने इस बयान के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि मौजूदा सरकार भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटक रही है और कुछ देशों के दबाव में काम कर रही है।

पुराने हमलों का भी किया था जिक्र

यह पहली बार नहीं है जब पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। इससे पहले 28 फरवरी को भी उन्होंने एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था। तब उन्होंने लिखा था, ‘पीएम मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के पुराने दोस्त ईरान पर हमला किया है। यह प्रधानमंत्री के इजरायल दौरे से लौटने के बमुश्किल दो दिन के बाद हुआ।’ उन्होंने सवाल किया था कि रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने का दावा करने वाले पीएम मोदी ने इजरायल-ईरान तनाव कम करने के लिए अपनी यात्रा का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।

गौरतलब है कि स्रोत के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ की मौत के बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं, जिसका असर वैश्विक राजनीति पर पड़ रहा है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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