प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को हटाने वाला विधेयक, शशि थरूर एक बार फिर कांग्रेस से असहमत

थरूर का कांग्रेस के साथ मतभेद हाल के दिनों में और गहरा गया है। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी में उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठे।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को हटाने वाला विधेयक, शशि थरूर एक बार फिर कांग्रेस से असहमत

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर अपनी पार्टी की राय से अलग हटकर बयान दिया है। इस बार मामला संविधान 130वां संशोधन विधेयक 2025 से जुड़ा है, जिसे गृह मंत्री अमित शाह संसद में पेश करने वाले हैं। यह विधेयक उन मंत्रियों, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हैं, को हटाने का प्रस्ताव करता है, जो 30 दिन से अधिक समय तक जेल में रहते हैं। थरूर ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह सामान्य समझ की बात है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

विपक्ष ने इस विधेयक की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे क्रूर और असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत किसी भी मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज कर उन्हें 30 दिन तक जेल में रखकर बिना दोष सिद्ध हुए हटाया जा सकता है। थरूर ने हालांकि इसे लोकतंत्र के लिए चर्चा का विषय बताया और कहा कि अगर यह बिल समिति के पास जाता है तो यह अच्छी बात होगी।

मतभेद हाल के दिनों में और गहराया 

थरूर का कांग्रेस के साथ मतभेद हाल के दिनों में और गहरा गया है। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी में उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठे। 2021 में भी थरूर ने गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए G-23 समूह के साथ असंतोष जताया था। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पर संसद में चर्चा छोड़ने को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा था।

कांग्रेस के साथ तनाव को किया खारिज

शशि थरूर ने एनडीटीवी से बातचीत में कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के तनाव को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल राय में अंतर है। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी 16 साल की निष्ठा को रेखांकित किया और बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज किया। थरूर ने कहा कि उनके बयान का मतलब यह नहीं कि वह प्रधानमंत्री की पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।

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