सऊदी अरब-पाकिस्तान समझौता; जयराम रमेश बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव, पीएम की कूटनीतिक विफलता

सऊदी अरब ने बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सऊदी अरब-पाकिस्तान समझौता; जयराम रमेश बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव, पीएम की कूटनीतिक विफलता

कांग्रेस पार्टी ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर गहरी चिंता जताई है। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम वाला बताया। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति-प्रचारित व्यक्तिगत कूटनीति की एक और विफलता करार दिया। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमलों और चीन व अमेरिका से जुड़े घटनाक्रमों ने भारत की चिंताएं बढ़ाई हैं।

जयराम रमेश ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के अचानक बंद होने के एक महीने बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की व्हाइट हाउस में मेजबानी की, जिनके भड़काऊ बयानों को पहलगाम हमलों से जोड़ा गया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की हालिया चीन यात्रा के कुछ दिनों बाद ही, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के लिए अपने गुप्त सैन्य परिसर के दरवाजे खोल दिए।

रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विचार

सऊदी अरब ने बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। संयुक्त बयान के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने और किसी भी आक्रमण के खिलाफ संयुक्त प्रतिरोध को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। समझौते में कहा गया है कि दोनों देशों में से किसी एक पर हमला दोनों के खिलाफ आक्रमण माना जाएगा।

वैश्विक स्थिरता पर पड़ेगा प्रभाव

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस समझौते के भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता पर प्रभाव का अध्ययन करने की बात कही। कांग्रेस ने इसे पीएम की कूटनीति की नाकामी बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता है। यह समझौता इजरायल की ओर से कतर में हमास नेतृत्व पर हमले के कुछ दिनों बाद हुआ, जो क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।

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