चुनाव आयोग का पक्षपात हो गया उजागर, राहुल गांधी से हलफनामा या माफी मांगने पर भड़क गई कांग्रेस

जयराम रमेश ने कहा कि शनिवार को आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय संदिग्ध है, क्योंकि यह राहुल गांधी द्वारा सासाराम से इंडिया ब्लॉक की वोटर अधिकार यात्रा शुरू करने के तुरंत बाद हुई।
चुनाव आयोग का पक्षपात हो गया उजागर, राहुल गांधी से हलफनामा या माफी मांगने पर भड़क गई कांग्रेस

कांग्रेस ने भारत के चुनाव आयोग पर खुला पक्षपात का आरोप लगाया है, क्योंकि आयोग ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके वोट चोरी वाले बयान पर सात दिनों के भीतर हलफनामा जमा करने या माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह पहली बार है जब नया चुनाव आयोग सीधे तौर पर सामने आया और उसने स्रोतों के जरिए बात नहीं की। उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे हास्यास्पद बताया।

चुनाव आयोग ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें सात दिनों के भीतर सबूत के साथ हलफनामा देना होगा या सार्वजनिक माफी मांगनी होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अगर हलफनामा नहीं मिला, तो सभी आरोप निराधार माने जाएंगे। रमेश ने दावा किया कि आयोग ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

इंडिया ब्लॉक की वोटर अधिकार यात्रा

जयराम रमेश ने कहा कि शनिवार को आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय संदिग्ध है, क्योंकि यह राहुल गांधी द्वारा सासाराम से इंडिया ब्लॉक की वोटर अधिकार यात्रा शुरू करने के तुरंत बाद हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने मतदाता सूची सुधार की जिम्मेदारी राजनीतिक दलों और व्यक्तियों पर डाल दी, जिसकी विपक्षी दलों और जनता ने व्यापक आलोचना की।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन

कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि अब मुख्य मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 14 अगस्त, 2025 के आदेश का पालन है, जिसमें बिहार के एसआईआर प्रक्रिया पर निर्देश दिए गए हैं। रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने केवल वही तथ्य सामने रखे जो आयोग के अपने डेटा से स्पष्ट हैं। उन्होंने आयोग पर न केवल अक्षमता बल्कि खुले पक्षपात का भी आरोप लगाया और कहा कि देश इसकी निगरानी कर रहा है।

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