RSS नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा ‘जब चिड़िया चुग गई खेत तब बोलने का क्या लाभ’

पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस को कौन गंभीरता से लेता है। पीएम मोदी खुद तो गंभीरता से लेते नहीं, तो हम क्यों लें। जब बोलने का समय था, तब बोला होता तो सब गंभीरता से लेते। तब वे चुप रहे। सत्ता के मजे उन्होंने भी लिए। अब बोलने का कोई अर्थ नहीं है।
Pawan Khera

Pawan Kheda targeted RSS leader Indresh Kumar : कांग्रेस ने आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर कहा है कि उनको अब कोई गंभीरता से नहीं लेता है।  संघ नेता ने इंडिया ब्लॉक के साथ साथ सत्तारूढ़ बीजेपी पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। इसपर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि अब जब चिड़िया खेत चुग गई है तब बोलने से क्या फ़ायदा।

आरएसएस नेता ने कही ये बात

बता दें कि इंद्रेश कुमार ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि जो अहंकारी बन गए भगवान राम ने उन्हें 241 पर रोक दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम सबके साथ न्याय करते हैं। जिस पार्टी ने घमंड किया उसे पूर्ण शक्ति नहीं मिली। अहंकार के कारण भगवान ने उन्हें रोक दिया। वहीं उन्होंने इंडिया गठबंधन को रामद्रोही भी कहा। बता दें कि इससे पहले संघ प्रमुख ने भी मणिपुर मुद्दे पर कहा था कि वहाँ एक साल से शांति की राह देख रहा है और उसपर प्राथमिकता से विचार करना होगा।

कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया

अब आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि, ‘RSS को कौन गंभीरता से लेता है? पीएम मोदी खुद तो गंभीरता से लेते नहीं, तो हम क्यों लें? जब बोलने का समय था, तब बोला होता तो सब गंभीरता से लेते। तब वे(RSS) चुप रहे। सत्ता के मजे उन्होंने भी लिए। हर जिले हर गलियारे में RSS के कार्यालय बन रहे थे।’ उन्होंने कहा कि अब जब चिड़िया खेत चुग चुकी है तो बोलने का कोई अर्थ नहीं है और कोई उन्हें अब संघ नेताओं की बात को गंभीरता से नहीं लेता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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