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“मैंने सोच-समझकर लिया निर्णय..” बंगाल राज्यपाल पद छोड़ने के बाद सीवी आनंद बोस की पहली प्रतिक्रिया, इस्तीफे की वजह पर दिया बड़ा बयान

Written by:Ankita Chourdia
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पूर्व पश्चिम बंगाल राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि उनका इस्तीफा अचानक नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया फैसला था। कोलकाता एयरपोर्ट पर रविवार को उन्होंने साफ किया कि इस्तीफे की वजह अभी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। बोस ने यह भी बताया कि वह वोट डालने के लिए बंगाल लौटेंगे।
“मैंने सोच-समझकर लिया निर्णय..” बंगाल राज्यपाल पद छोड़ने के बाद सीवी आनंद बोस की पहली प्रतिक्रिया, इस्तीफे की वजह पर दिया बड़ा बयान

विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में सीवी आनंद बोस ने अपने फैसले को पूरी तरह विचारित कदम बताया है। रविवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया।

बोस ने अपने इस्तीफे के कारणों पर फिलहाल चुप्पी बनाए रखी है। उनके मुताबिक, कारणों को उचित समय आने पर ही साझा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान के लिए वह पश्चिम बंगाल वापस आएंगे।

“मैंने सोच-समझकर इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, जिसकी वजह सही समय आने तक गोपनीय रहेगी।”- सीवी आनंद बोस

इस्तीफे के समय को लेकर राजनीतिक चर्चा

सीवी आनंद बोस के इस्तीफे का समय भी चर्चा में है। उन्होंने पद छोड़ने से लगभग एक सप्ताह पहले अपना मतदान केंद्र बंगाल में स्थानांतरित कराया था। इसी वजह से राज्य की राजनीति में इस कदम को लेकर अलग-अलग अटकलें लग रही थीं।

बातचीत के दौरान बोस ने एक रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में प्रवेश और निकास दोनों का समय होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल को 1200 दिन बताते हुए इसे क्रिकेट की भाषा में 12 शतक के बराबर कहा और जोड़ा कि एक समय रुकने का भी आता है।

“जहां प्रवेश होता है, वहां निकास भी होता है। मैंने यहां राज्यपाल के रूप में 1200 दिन पूरे कर लिए हैं, जो क्रिकेट की भाषा में 12 शतक के बराबर है। बस इतना ही काफी है।”- सीवी आनंद बोस

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणी पर क्या कहा

राज्य में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन और आदिवासी उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सवालों के संदर्भ में बोस ने सीधी टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एक अनुभवी और गरिमामयी पदाधिकारी हैं और उनके बयान के पीछे निश्चित रूप से कारण रहे होंगे।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जोड़ा कि राष्ट्रपति के बयान पर टिप्पणी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

कौन हैं सीवी आनंद बोस

केरल के कोट्टायम से आने वाले सीवी आनंद बोस भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी हैं। वह वर्तमान में मेघालय सरकार में सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ उन्हें लोक सेवक, आवास विशेषज्ञ, लेखक और वक्ता के रूप में भी जाना जाता है।

अपने करियर में वह विश्वविद्यालय के कुलपति, भारत सरकार में सचिव और मुख्य सचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं। वह हैबिटेट अलायंस के अध्यक्ष रहे हैं और यूएन हैबिटेट गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं।

उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी पी.के. वासुदेवन नायर थे, जिन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अनुयायी माना जाता था। इसी पृष्ठभूमि में उनके नाम के साथ ‘बोस’ जुड़ा। सीवी आनंद बोस को 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्हें भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा नेता भी माना जाता है।

ताजा बयान से इतना साफ है कि बोस ने इस्तीफे को व्यक्तिगत और समयबद्ध निर्णय के रूप में पेश किया है, लेकिन कारण सार्वजनिक न करने के फैसले से राजनीतिक चर्चा अभी थमी नहीं है।

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