Cyclone Montha ने दिल्ली से यूपी तक बढ़ाई ठंड, ओडिशा-आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट, कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में बना तूफान मोंथा अब एक चक्रवात का रूप ले चुका है। इसका असर दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक देखने को मिल रहा है।
Cyclone Montha

चक्रवाती तूफान मोंथा देश भर में अपना असर दिखाता हुआ नजर आ रहा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में बना यह तूफान अब भयानक चक्रवात में तब्दील हो चुका है। आंध्र प्रदेश के तट पर यह बीती रात दस्तक दे चुका है।

मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आज यह चक्रवात ओडिशा पहुंचने वाला है। इसकी वजह से प्रदेश के कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने वाली हैं। चलिए जान लेते हैं किसका देश भर में कैसा असर दिखाई दे रहा है।

कई उड़ानों का संचालन बंद (Cyclone Montha)

इस तूफान के असर की वजह से 27 से 30 अक्टूबर तक हवाई में रेल सेवाएं बुरी तरह से बाधित हुई है। रेलवे ने 97 ट्रेन कैंसिल कर दी है 17 को रिशेड्यूल किया गया है और 5 डाइवर्ट हुई है। एयर इंडिया और इंडिगो की कई उड़ाने रद्द हैं और उनका संचालन बंद रहने वाला है।

तेज हवाओं का कहर

ओडिशा के गंजम इलाके में समुद्र में उथल-पुथल तेज हो गई है। इसके ओर भी बढ़ने, तेरे समय और बारिश होने का अनुमान लगाया गया ह। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में बारिश का असर देखने को मिला। तमिलनाडु की चेन्नई में भी खूब बारिश हुई है।

यहां बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने चेन्नई, कन्याकुमारी, कांचीपुरम, तेनकासी, तिरुवल्लूर, तिरुनेलवेली, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर सहित कुछ स्थानों पर हल्की आंधी के साथ बिजली गिरने और मध्यम बारिश की आशंका जताई है।

दिल्ली से यूपी तक ठंडा मौसम

यह चक्रवात केवल तटीय इलाकों को प्रभावित नहीं कर रहा है बल्कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अचानक ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने इस चक्रवात का असर बताया है। इसकी वजह से 30 अक्टूबर को मिर्जापुर और बनारस मंडल में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

चक्रवात का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चंबल जिलों में पिछले 30 घंटे से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। शिवपुरी में भी बारिश देखने को मिली। इसकी वजह से धन और मक्का की फसल प्रभावित हुई है और टमाटर की फसल को 90 फ़ीसदी तक का नुकसान पहुंचा है। भिंड में धान की फसल 60 फ़ीसदी तक बर्बाद हो गई है। मुरैना में 30 घंटे से ज्यादा समय से बारिश का दौर जारी है। धान और मक्का की फसलों को अचानक कोई बारिश की वजह से काफी नुकसान पहुंच रहा है।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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